नियमों को दरकिनार कर चहेते ठेकेदारों को लाभ, जांच की निष्पक्षता पर भी उठे प्रश्न..
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। जिले की नगर परिषद खांड (बाणसागर) इन दिनों लगभग 3 करोड़ रुपये की सामग्री खरीदी को लेकर गंभीर आरोपों के घेरे में है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) पर आरोप है कि उन्होंने तकनीकी अमले, विशेषकर उपयंत्री, को दरकिनार करते हुए खरीदी प्रक्रिया पूरी की और इसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। मामले की शिकायत के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल ने जांच समिति गठित कर दी है, लेकिन समिति की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

खरीदी प्रक्रिया पर उठे सवाल
प्राप्त जानकारी और शिकायत के अनुसार, पिछले चार महीनों में नगर परिषद द्वारा विभिन्न सामग्रियों की थोक खरीदी की गई। आरोप है कि इस दौरान निविदा प्रक्रिया में ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिनसे प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई और केवल चुनिंदा सप्लायर ही पात्र रह गए। इसे ‘फिक्स्ड टेंडरिंग’ का मामला बताया जा रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि कई सामग्रियां बाजार मूल्य से अधिक दरों पर खरीदी गईं। खरीदी में पानी के टैंकर, इलेक्ट्रिक कचरा वाहन, सोलर पैनल, तिरंगा लाइट, गेट वाल्व, हैंडपंप सामग्री, स्वच्छता संबंधी रसायन, ओपन जिम उपकरण, सीसीटीवी कैमरे सहित अन्य सामग्री शामिल हैं। इनकी गुणवत्ता को लेकर भी प्रश्न उठाए गए हैं।

शिकायत के बाद जांच के आदेश
जबलपुर जिले के सिहोरा निवासी प्रवीण तिवारी द्वारा 21 अप्रैल 2026 को आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल को लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में जेम (GeM) पोर्टल के प्रावधानों की अनदेखी और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन न करने के आरोप लगाए गए। इसके आधार पर विभाग ने 22 अप्रैल को जांच के आदेश जारी किए।

जांच समिति के गठन पर विवाद
विभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति में शहडोल संभाग के संभागीय कार्यपालन यंत्री को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि अन्य सदस्यों में रीवा और नरसिंहपुर के अधिकारी शामिल हैं। समिति को एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, समिति के गठन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जिस संभाग के अंतर्गत यह नगर परिषद आती है, उसी क्षेत्र के अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपे जाने से हितों के टकराव की स्थिति बन सकती है।
अन्य निकायों पर भी असर संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाती है, तो यह अन्य नगरीय निकायों के लिए एक संदेश होगा। वहीं, यदि जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है, तो इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलने की आशंका है।
संयुक्त संचालक ने दस्तावेज किया तलब
संयुक्त संचालक कार्यालय ने नगर परिषद खांड के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे खरीदी से संबंधित सभी दस्तावेज, फाइलें और बिल-वाउचर निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करें।
नजरें जांच रिपोर्ट पर
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के निष्कर्ष क्या सामने आते हैं और क्या जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।
चंदन कुमार वर्मा
The mukhbir टीम शहडोल
Author: The Mukhbir
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