April 17, 2026 7:21 pm

सच सीधा आप तक

उमरिया में सरकारी सिस्टम की कब्र खोद रहा.. MDO बाबा महाकाल..

खान डेवलपर सह ऑपरेटर (MDO) उमरिया बाबा महाकाल मिनरल्स का खुला राज कानून, विभाग और प्रशासन सबके मुंह पर ताला, वैध ठेका लेने के बाद भी अवैध रेत का फैला साम्राज्य, स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन और कलेक्टर ऑफिस से लेकर खनिज विभाग उमरिया तक लगाया ” ग्रहण “
The Mukhbir Editor in Chief..राहुल सिंह राणा, 9407812522- 6062146722 शहडोल-उमरिया। जिले में रेत MDO अब सिर्फ काला कारोबार नहीं कर रहा, प्रशासन को सीधे अपनी मुट्ठी में दबाकर शासन को चुनौती दे रहा है। और आश्चर्य की बात…जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग तीनों की चुप्पी इस रेत के अवैध साम्राज्य की सबसे बड़ी गारंटी बन चुकी है।

यह अब चोरी नहीं सिस्टम पर कब्जा है

बाबा महाकाल मिनरल्स ने उमरिया की रेत पर दादागिरी का ऐसा मॉडल खड़ा कर दिया है. जिसके आगे अधिकारी सिर्फ दर्शक बने हुए हैं। लीज गोवर्दे कि, उत्खनन अमिलिया से टीपी गोवर्दे कि बंद खदान की और रॉयल्टी की कमाई प्रति माह करोड़ों में। यह पूरा खेल इतनी बेशर्मी से हो रहा है कि लगता ही नहीं कि जिले में कोई प्रशासन मौजूद है।

अमिलिया सोन नदी में 6 पोकलेन… प्रशासन कंबल ओढ़कर कुंभकर्णी नींद पर 

जिले कि मानपुर तहसील की अमिलिया खसरा नम्बर 1/601 रकबा 4.000 हेक्टेयर जिसका अभी सीमांकन नही हुआ उससे MOD बाबा महाकाल को स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन द्वारा अनुमोदित 72 हजार घनमीटर रेत का खनन करना है. The mukhbir की टीम की ग्राउंड रिपोर्टिंग में MOD बाबा महाकाल के द्वारा सोन नदी में 6 विशाल पोकलेन मशीनें दिन-रात नदी की छाती छलनी करने का वीडिओ और फोटो कैमरे में कैद हो गया. MOD द्वारा नदी का प्रवाह मोड़ा गया, बीच में मुरुम डाल कर सड़क बनाई गई, 10 मीटर तक विशालकाय पोकलैंड मशीन से नदी के बीचों-बीच खुदाई.
यह हर बिंदु अपराध है। लेकिन खनिज विभाग की आंखें बंद हैं… या जानबूझकर बंद रखी गई हैं।
ग्राउंड रिपोर्टिंग में हमारी टीम ने देखा कि विशालकाय पोकलैंड मशीन से नदी के बीचों-बीच खुदाई. नदी के बीच बने मुरुम की सड़क पर दर्जनों हाइवा, स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन के नियमों की धज्जियां, बिना सीमांकन वाले लीज क्षेत्र से रेत की लूट और स्थानीय लोगों को डराने वाले हथियारबंद बाहरी गुंडे….
यह सब किसके संरक्षण में हो रहा है…?
जवाब किसी कोई नहीं देगा, क्योंकि सब जानते हैं। सिस्टम का काला खेल…

टीपी का काला खेल

अमिलिया से लोडिंग, गोवर्दे से टीपी, दस्तावेज खुद चीख-चीखकर कह रहे हैं “MOD फर्जीवाड़ा” यह सिर्फ गड़बड़ी नहीं,
यह सरकारी खजाने और दस्तावेजों पर सीधा डाका..

तीन ताज़ा उदाहरण….

  1. वाहन क्रमांक MP-17-HH-4746, लोडिंग पॉइंट: अमिलिया (बिना सीमांकन कि खदान), टीपी नंबर-8477270518: गोवर्दे (खदान बंद), दूरी: 222. 24 किमी, खरीदार- उदित इंफ़्रा वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड रीवा.
  2. वाहन क्रमांक MP-17-ZF-5869, लोडिंग पॉइंट: अमिलिया (बिना सीमांकन कि खदान), टीपी नंबर-7541725622: गोवर्दे (खदान बंद), दूरी: 266. 62 किमी, खरीदार बी. एल. माझी चाकघाट मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा.
  3. वाहन क्रमांक UP-64-AT-6023, लोडिंग पॉइंट: अमिलिया (बिना सीमांकन कि खदान), टीपी नंबर- 0449883111: गोवर्दे (बंद खदान), दूरी: 353. 58 किमी, खरीदार जय श्री राम ट्रेडर्स चित्रकूट सतना.
यह सभी गाड़ियां शहडोल जिले के ब्यौहारी एवं बाणसागर थाने से होकर गुजरी हैं. साथ ही मध्य प्रदेश शासन के वन विभाग वन अवरोध नाका बेड़रा उत्तर वनमंडल शहडोल में इनका रिकार्ड भी दर्ज है. और इसी चौकी से प्रतिदिन कितनी गाड़ियों का आवागमन होता है. इसकी जानकारी भी विभाग चाह लेगा तो उसे मिल जाएगी.


एनजीटी, रेत नीति, कोर्ट, सभी की धज्जियां उड़ाकर चल रहा खनन

एनजीटी कहता है. “नदी की धारा नहीं मोड़ी जा सकती।” लेकिन MOD बाबा महाकाल मिनरल्स ने सोन नदी की धारा ही नहीं मोड़ी, बल्कि पूरी नदी पर अवैध कब्जा जमा लिया है।
मध्यप्रदेश कि नई रेत नीति कहती है.
“3 मीटर से ज्यादा गहराई नहीं।” और अमिलिया में 10 मीटर तक खुदाई चल रही है।
गूगल मैप कि तस्वीरें सबूत हैं. लेकिन कार्रवाई…
शून्य।

जांच चौकियां- आपराधिक गैंगों का ठिकाना

जिन चौकियों पर रेत रोकनी थी, वही बाहरी बदमाशों का मुख्यालय बन चुकी हैं। रातभर हथियार लेकर दहशत फैलाते हैं, स्थानीय पुलिस को रिपोर्ट तक नहीं। कौन हैं ये लोग, और किसका संरक्षण है इनको..जवाब किसी के पास नहीं, क्योंकि मामला ऊपर तक सेट है।

अमिलिया से 50 लाख रोज़ाना की अवैध कमाई

यह सिर्फ एक रूट का आंकड़ा. सूत्रों के अनुसार अमिलिया से रोज़ लगभग 150 हाइवा निकलते हैं। एक दिन की रॉयल्टी लगभग ₹50 लाख, एक महीने में 15 करोड़ कि रॉयल्टी और 9 माह में लगभग 135 करोड़। एक अवैध खदान से यह सिर्फ एक बिना सीमांकन की स्वीकृत अवैध खदान है। पूरे जिले का हिसाब जोड़ें तो… MOD बाबा महाकाल को 26 खदानें स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन द्वारा दी गई है. जिनमें 109.25 हेक्टेयर (लगभग 270 एकड़) रकबा में से अनुमोदित 18,53,553 (18 लाख 53 हजार 553) घनमीटर रेत का खनन करना है. तो MOD कि कमाई का आँकड़ा सैकड़ों करोड़ में पहुंच जाता है।

खनिज अधिकारी को फोन से होती है तकलीफ..

जिले के खनिज अधिकारी से बात की कोशिश की गई।
लेकिन 📵 फोन तक नहीं उठाया। जब विभाग ही मौन हो, तो…माफिया का बोलबाला होना लाजमी है।

अब सवाल प्रशासन से नहीं…

शासन से पूछा जाना चाहिए..
क्या उमरिया ‘अवैध रेत का जिला’ घोषित हो चुका है.
  • बंद खदान से टीपी कैसे जारी हो रही है.
  • अमिलिया में 6 पोकलेन मशीनों को किसने अनुमति दी.
  • हथियारबंद गुंडों को जांच चौकियों पर किसने तैनात किया.
  • नदी का प्रवाह मोड़ना क्या साधारण अपराध है.
  • NGT के कड़े नियम के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं.
  • क्या खनिज विभाग और स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन की ‘मौज’ इसी कारण है.

गोवर्दे-अमिलिया का सच अब दफन नहीं होगा..

The mukhbir टीम से चंदन कुमार वर्मा, जितेंद्र कुमार वर्मा, गणेश केवट, सुनीता सिंह कि खास रिपोर्ट.
The Mukhbir
Author: The Mukhbir

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