The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। जिला चिकित्सालय एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज देने का दावा करने वाले सरकारी अस्पताल में अब ऑपरेशन के नाम पर पैसों की मांग का मामला सामने आया है। इस बार धनपुरी निवासी एक गरीब परिवार ने जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. बी.पी. पटेल पर ऑपरेशन के बदले ₹ 25 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने शुक्रवार को सिविल सर्जन से लिखित शिकायत कर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार धनपुरी के आलमगंज चीप हाउस निवासी मो. शिराजुद्दीन ने अपनी पत्नी असगरी बेगम (34) को 10 फरवरी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के मुताबिक 12 फरवरी को महिला का ऑपरेशन होना तय हुआ था, लेकिन ऑपरेशन से पहले ही सर्जन द्वारा ₹ 25 हजार रुपये नकद देने की शर्त रखी गई।
परिवार का आरोप है कि शिराजुद्दीन मूंगफली बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं। पत्नी की जान बचाने की मजबूरी में उन्होंने रिश्तेदारों से उधार लेकर किसी तरह ₹ 25 हजार रुपये की व्यवस्था की और डॉक्टर को दे दिए। परिजनों का कहना है कि रकम मिलने के बाद ही ऑपरेशन किया गया।
हालांकि ऑपरेशन के करीब 22 दिन बीत जाने के बाद भी मरीज की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। उल्टा महिला की तबीयत और बिगड़ती जा रही है। परिजनों का आरोप है कि अब डॉक्टर जिम्मेदारी से बचते हुए मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कह रहे हैं, जिससे गरीब परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की शिकायत सिविल सर्जन से करते हुए कहा है कि सरकारी अस्पतालों में गरीबों को मुफ्त इलाज देने के दावे केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों से भी इलाज के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं।
गौरतलब है कि जिला अस्पताल में इलाज के बदले पैसे लेने के आरोप पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इधर पूरे मामले को लेकर सिविल सर्जन ने शिकायत की जांच कराने की बात कही है। अब देखना होगा कि गरीब परिवार के लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
Author: The Mukhbir
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