April 17, 2026 4:39 pm

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एशियन थैलेसीमिया कॉन्क्लेव 2026 में शहडोल की सशक्त मौजूदगी

दिशा वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष रुपाली सिंघई एवं सरबजीत सिंह नारंग ने किया प्रतिनिधित्व, जागरूकता अभियान को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना.

The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसी गंभीर आनुवंशिक रक्त बीमारियों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर चल रही लड़ाई को नई दिशा देने वाला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एशियन थैलेसीमिया कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन 10 एवं 11 जनवरी को थैलेसीमिया एंड सिकल सेल सोसाइटी हैदराबाद (TSCS) द्वारा किया गया। सम्मेलन का आयोजन सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रकांत अग्रवाल की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, वरिष्ठ डॉक्टरों, समाजसेवियों और जागरूकता कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या पर मंथन किया।
इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच पर शहडोल की सामाजिक संस्था “दिशा वेलफेयर एसोसिएशन” ने भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। एसोसिएशन की अध्यक्ष रुपाली सिंघई एवं सरबजीत सिंह नारंग ने सम्मेलन की विविध चर्चाओं और सत्रों में सहभागिता कर थैलेसीमिया जागरूकता और सामाजिक अभियान को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री की बड़ी घोषणा, 2035 तक थैलेसीमिया मुक्त राज्य का लक्ष्य

सम्मेलन में शामिल हुए तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा ने एक बेहद अहम घोषणा करते हुए कहा कि तेलंगाना का लक्ष्य वर्ष 2035 तक भारत का पहला थैलेसीमिया मुक्त राज्य बनना है। उन्होंने इस बीमारी को समाप्त करने के लिए इसे केवल चिकित्सा नहीं बल्कि “सामूहिक सामाजिक आंदोलन” बनाने की अपील की। मंत्री का यह बयान सम्मेलन में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों के लिए आशा और प्रेरणा का केंद्र बन गया। दुनिया भर के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य जगत के दिग्गजों ने थैलेसीमिया और सिकल सेल से जुड़ी चिकित्सा व्यवस्थाओं, नीतिगत रणनीतियों, जागरूकता मॉडल और भविष्य की तकनीकों पर व्यापक विचार प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे

आरोग्य श्री के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदय कुमार, इंटरनेशनल थैलेसीमिया फेडरेशन के प्रो. एंटोनियो पिगा, ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स बेंगलुरू के उपाध्यक्ष डॉ. सुनील भट, नेशनल थैलेसीमिया वेलफेयर सोसाइटी के जनरल सेक्रेटरी डॉ. जे. एस. अरोरा, थैलेसीमिकिस इंडिया की सचिव शोभा तुली, भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी डॉ. विनीता श्रीवास्तव,
डॉ. पिएत्रो सोडानी, डॉ. विनोद के. अग्रवाल, डॉ. शरत कुमार सहित कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, इन विशेषज्ञों ने थैलेसीमिया के निदान, समय पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन, बोनमैरो ट्रांसप्लांट, जेनेटिक काउंसलिंग, कैरियर स्क्रीनिंग और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

400 से अधिक प्रतिनिधियों की सहभागिता समाज और चिकित्सा का बड़ा संगम

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश और विदेश से 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेष बात यह रही कि इसमें केवल डॉक्टर ही नहीं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे यह आयोजन एक “स्वास्थ्य आंदोलन” का स्वरूप लेता नजर आया।

शहडोल की आवाज बनी दिशा वेलफेयर एसोसिएशन

दिशा वेलफेयर एसोसिएशन शहडोल की अध्यक्ष रुपाली सिंघई ने सम्मेलन की चर्चाओं में भाग लेकर आदिवासी अंचलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में थैलेसीमिया व सिकल सेल जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसी बीमारियां सिर्फ इलाज से नहीं रुकेंगी, बल्कि जागरूकता, जांच और समय पर परामर्श ही इसे रोकने का वास्तविक उपाय है।

रक्त बंधन” पत्रिका में प्रकाशित लेख को मिली सराहना

सम्मेलन में एक खास उपलब्धि उस समय सामने आई जब टी एस सी एस द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका “रक्त बंधन” में इब्राहिम द्वारा लिखे गए लेख की चर्चा हुई। इस लेख में आदिवासी समुदाय के बीच थैलेसीमिया और सिकलसेल जागरूकता फैलाने की चुनौतियों को उजागर किया गया था, जिसे सम्मेलन में विशेष सराहना मिली।
यह शहडोल और आसपास के अंचलों में हो रहे सामाजिक प्रयासों की गूंज थी, जो अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुकी है।

सम्मान समारोह, दिशा वेलफेयर एसोसिएशन ने किया सम्मानित

इस अवसर पर टी.एस.सी.एस. के अध्यक्ष डॉ. चंद्रकांत अग्रवाल और अलीम बैग को सम्मेलन के सफल आयोजन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिशा वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि थैलेसीमिया उन्मूलन की दिशा में सतत प्रयासों के लिए एक सामाजिक स्वीकृति का प्रतीक बन गया।

थैलेसीमिया मुक्त भारत के सपने में शहडोल की भागीदारी

एशियन थैलेसीमिया कॉन्क्लेव 2026 ने एक बार फिर यह साबित किया कि थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसी बीमारियों से लड़ाई सिर्फ अस्पतालों में नहीं लड़ी जा सकती, इसके लिए समाज को साथ आना होगा।
दिशा वेलफेयर एसोसिएशन की सहभागिता और रुपाली सिंघई व सरबजीत सिंह नारंग की सक्रिय भूमिका ने शहडोल को इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक सशक्त पहचान दिलाई है।
यह आयोजन आने वाले वर्षों में थैलेसीमिया मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है।

The mukhbir शहडोल टीम 

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Author: The Mukhbir

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