“R.K.T.C. बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर दलाली-भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप, स्थानीय युवकों के रोजगार की मांग पर एस.ई.सी.एल. प्रशासन और कंपनी की चुप्पी बनी आक्रोश की वजह…”
The mukhbir महेंद्र सिंह शहडोल-धनपुरी/अमलाई। जिले की सबसे बड़ी औद्योगिक गतिविधियों में शामिल सोहागपुर एरिया एस.ई.सी.एल. का अमलाई ओपन कास्ट माइंस (OCM) सोमवार 13 जनवरी को उस वक्त सुलग उठी, जब स्थानीय बेरोजगार युवकों को रोजगार दिलाने की मांग को लेकर श्री राजपूत करणी सेना ने अमलाई OCM का मुख्य गेट जाम कर दिया। यह आंदोलन केवल नारेबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगठन ने कंपनी पर अनियमितता, भ्रष्टाचार और दलाली के जरिए नौकरी बांटने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए खुला मोर्चा खोल दिया।

पहले ज्ञापन… फिर अल्टीमेटम… अब गेट जाम
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि अमलाई OCM में कार्यरत आर.के.टी.सी. बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा स्थानीय युवकों के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है। इस संबंध में पूर्व में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं एस.ई.सी.एल. के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंप कर स्थिति से अवगत कराया गया था। ज्ञापन में स्पष्ट मांग रखी गई थी कि स्थानीय युवकों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिले, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता अपनाई जाए, बाहरी लोगों को दलाली के जरिए नौकरी देने की जांच हो, भ्रष्टाचार रोककर सही पात्र युवकों को न्याय दिया जाए. संगठन ने कंपनी को 7 दिन का अल्टीमेटम भी दिया था, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन आंदोलन की राह चुनी गई।

गेट जाम के बाद “कंपनी अधिकारी गायब”
युवकों का उबाल गेट जाम के दौरान करणी सेना के पदाधिकारी और सैकड़ों युवा कई घंटों तक आर.के.टी.सी. बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जी.एम. विवेक पाठक का इंतजार करते रहे, लेकिन कंपनी का कोई अधिकारी-कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसी लापरवाही ने आंदोलन में आग लगा दी। इसके बाद करणी सेना के पदाधिकारी व कार्यकर्ता आर.के.टी.सी. बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के ऑफिस की ओर पैदल बढ़े और विरोध जताया। सुरक्षा कर्मियों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस कदर था कि वे नहीं रुके।

सुरक्षा अधिकारी ने रोका, प्रबंधन ने समझाइश दी
सोहागपुर एरिया के सुरक्षा अधिकारी अमित सिंह ने प्रदर्शनकारियों से खदान क्षेत्र में प्रवेश न करने का आग्रह किया। वहीं एस. ई. सी. एल. के माइनिंग जनरल मैनेजर पी रमन्ना और अमलाई OCM के उपक्षेत्रीय प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि “खदान क्षेत्र प्रतिबंधित है… भारी वाहन चलते हैं… भीड़ के साथ जाने पर दुर्घटना या अप्रिय घटना हो सकती है।” इसके बाद सभी को सब एरिया ऑफिस में चर्चा के लिए बुलाया गया।
सब एरिया ऑफिस में भी “कंपनी गायब”
सब एरिया ऑफिस में चर्चा शुरू हुई, लेकिन वहां भी आर.के.टी.सी. कंपनी के जी. एम. विवेक पाठक आए और न ही कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी आया। इसी दौरान सब एरिया मैनेजर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी बुलाए जाएंगे। बताया गया कि सब एरिया मैनेजर ने अपनी गाड़ी भेजकर कंपनी कर्मचारियों को ऑफिस बुलाया, ताकि समाधान की दिशा में बात आगे बढ़े।
“दलालों के जरिए नौकरी! लाखों का खेल” करणी सेना ने खोला बड़ा राज
चर्चा के दौरान स्थानीय युवकों ने बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए कि कंपनी ने दलालों को सक्रिय कर रखा है. बाहरी युवकों से हजारों-लाखों रुपये लेकर नौकरी लगाई जा रही है. कई युवाओं का मेडिकल, वोकेशनल सर्टिफिकेट, बी फार्मा के बिना ही काम पर रखा गया. स्थानीय युवकों को सिर्फ झूठे आश्वासन देकर टाल दिया जाता है. यही नहीं स्थानीय युवकों ने दावा किया कि 1 तारीख से 8 तारीख के बीच कंपनी ने बाहर से 12 लोगों को बुलाकर नौकरी पर रखा, जिससे साफ है कि स्थानीय बेरोजगारों को जानबूझकर बाहर किया जा रहा है।
“काम बढ़ेगा तो रखेंगे”… अब नहीं चलेगा
संगठन का आरोप है कि कंपनी बार-बार यही कहकर स्थानीय युवकों को भ्रमित करती रही कि
“काम बढ़ते ही… पानी खाली होने पर… डंपिंग एरिया मिलने पर भर्ती होगी।”
लेकिन अब युवाओं का साफ कहना है.
“जब बाहर वालों को तत्काल रखा जा सकता है, तो स्थानीय युवकों को क्यों नहीं”
आश्वासन मिला, एक हफ्ते में मांगें पूरी होंगी
हंगामेदार चर्चा के बाद सब एरिया मैनेजर ने एक सप्ताह में संगठन की सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन फिलहाल स्थगित हुआ, लेकिन संगठन ने चेतावनी भी दी है कि यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ
तो आंदोलन और उग्र होगा और जिम्मेदारी सीधे कंपनी व प्रशासन की होगी।

गणेश प्रताप सिंह का बड़ा बयान…
श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश प्रताप सिंह दादू ने कहा कि…
“स्थानीय युवकों का हक छीना जा रहा है। दलालों के जरिए बाहरी लोगों को नौकरी देकर लाखों का खेल खेला जा रहा है। करणी सेना यह अन्याय नहीं सहेगी। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।”

श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश मंत्री देवी सिंह सेंगर ने कहा कि लगातार कंपनी द्वारा स्थानीय बेरोजगार युवकों की अवहेलना की जा रही है. कंपनी के लापरवाही के चलते एक युवक की जान भी जा चुकी है. लगातार मांग किए जाने के बावजूद भी कंपनी अपने जिद पर अड़ी हुई है. और 70% स्थानीय युवकों को नौकरी नहीं दी जा रही है.

श्री राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि संगठन की मांग पर अमल नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन, अमलाई ओ. सी. एम. में कार्य कर रही आर.के.टी.सी. कंपनी शासन के नियमों का पालन नहीं कर रही है. जिसके कारण स्थानीय बेरोजगार युवक आंदोलन पर उतारू है।
श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश प्रवक्ता राहुल सिंह राणा ने बताया कि इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश प्रताप सिंह दादू, प्रदेश मंत्री देवी सिंह सेंगर, जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, राज बहादुर सिंह रज्जे, महेंद्र सिंह सहित सैकड़ों पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
….अमलाई OCM का यह गेट जाम सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि स्थानीय बेरोजगारों की पीड़ा और अधिकार की लड़ाई है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या R.K.T.C. बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और संबंधित प्रशासन वास्तव में पारदर्शिता अपनाकर स्थानीय युवकों को रोजगार देता है या फिर यह मामला एक बार फिर फाइलों में दबा दिया जाएगा।
क्योंकि अब यह आंदोलन केवल मांग नहीं… “चेतावनी” बन चुका है।
The mukhbir टीम शहडोल…
Author: The Mukhbir
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