The mukhbir उमरिया। जिले में रेत खनन से जुड़ी कथित अनियमितताओं के विरोध में इंदवार थाना क्षेत्र के ग्राम पडवार में चल रहे धरना-प्रदर्शन में स्कूली बच्चों को शामिल कराए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है। इस घटनाक्रम को गंभीर मानते हुए बाल कल्याण समिति ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बाल कल्याण समिति के सदस्य रवि सिंह ने बताया कि मानपुर निवासी सहित अन्य लोगों द्वारा बाबा महाकाल मिनिरल्स के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। शनिवार को इस कार्यक्रम में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पडवार के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं को शामिल कराया गया। सूत्रों के अनुसार बच्चों को स्कूल के प्राचार्य स्वयं धरना स्थल तक लेकर पहुंचे, जो नियमों और शैक्षणिक आचार-संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।
मामले की जानकारी मिलते ही बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लेते हुए इसे बच्चों के अधिकारों से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय बताया। समिति का कहना है कि नाबालिग बच्चों को किसी भी राजनीतिक या सामाजिक आंदोलन में शामिल करना कानूनन गलत है, जिससे उनकी सुरक्षा, मानसिक स्थिति और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
समिति ने कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन से मांग की है कि संबंधित आंदोलनकारियों तथा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण या दुरुपयोग से बचाया जा सके।
सवाल बड़ा है…क्या विरोध के नाम पर मासूमों को ढाल बनाना जायज़ है.
अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
The mukhbir से जितेंद्र कुमार विश्वकर्मा
Author: The Mukhbir
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