
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल।
जिले की सियासत शुक्रवार को उस वक्त और गर्मा गई जब भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री अमित मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर सीधा और तीखा हमला बोल दिया। मिश्रा ने सवाल दागते हुए कहा कि क्या कांग्रेस पार्टी में अब कार्यकर्ताओं का अकाल पड़ गया है, जो विरोध प्रदर्शन में नाबालिगों को आगे किया जा रहा है…?
उन्होंने आरोप लगाया कि 8 फरवरी को बुढार-धनपुरी में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस द्वारा नाबालिग कार्यकर्ता को ले जाया गया, जो न केवल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है बल्कि कानून और नैतिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
“कांग्रेस बताए…यह प्रदर्शन था या बच्चों की ढाल”
अमित मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर दल का अधिकार है, लेकिन नाबालिगों को राजनीतिक मंचों पर उतारना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगते हुए पूछा कि क्या अब पार्टी के पास जमीनी कार्यकर्ता नहीं बचे हैं।
मिश्रा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर इस तरह की गतिविधियां जारी रहीं तो भाजपा पूरे मामले को जनता के बीच लेकर जाएगी।
जन आक्रोश रैली से पहले सियासी पारा हाई
उधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी आज शुक्रवार को जन आक्रोश रैली के लिए शहडोल पहुंचे हैं। उनके नेतृत्व में कलेक्ट्रेट घेराव का कार्यक्रम भी रखा गया है, जिसे लेकर जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इस रैली को जनहित के मुद्दों की आवाज बता रही है, जबकि भाजपा इसे “राजनीतिक नौटंकी” करार दे रही है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जन आक्रोश रैली से पहले भाजपा का यह हमला रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश भी हो सकता है। वहीं कांग्रेस की ओर से अब तक इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे अटकलों का बाजार गर्म है।
अब नजर कांग्रेस के जवाब पर
फिलहाल, शहडोल की राजनीति में बयानबाजी का तापमान चरम पर है। भाजपा के तीखे सवालों के बाद अब सबकी निगाहें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और उनकी टीम के जवाब पर टिक गई हैं। आने वाले घंटों में यह सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।
The mukhbir टीम शहडोल
Author: The Mukhbir
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