April 17, 2026 6:01 pm

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करकी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य पर घिरे संकट के बादल, शिक्षा व्यवस्था से मचा हड़कंप

संकुल के शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने की प्रभारी प्रचार्य को हटाने की मांग…

राहुल सिंह राणा, शहडोल।
जनपद पंचायत जयसिंहनगर क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करकी में इन दिनों माहौल गरमाया हुआ है। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पुष्पेन्द्र कुमार सिंह के खिलाफ संकुल के शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है।
जिला कलेक्टर शहडोल को सौंपे गए पत्र में सभी ने एक स्वर में मांग की है कि छात्रों के भविष्य और विद्यालय की साख बचाने के लिए प्रभारी प्राचार्य को तत्काल हटाया जाए।


प्रभारी प्राचार्य पर आरोप “शिक्षा से ज़्यादा राजनीति में रुचि”

पत्र में जनपद पंचायत जयसिंहनगर की उपाध्यक्ष श्रीमती रक्षा शिब्बू सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पुष्पा नंदू शर्मा, सरपंच श्रीमती मालती सिंह (करकी) और श्रीमती सियाबाई सिंह (कोठीगढ़) ने आरोप लगाया है कि वर्तमान प्रभारी प्राचार्य पुष्पेन्द्र सिंह का विद्यालय में आने के बाद से ही शैक्षणिक माहौल बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

उनके अनुसार, “प्रभारी प्राचार्य स्थानीय राजनीति में अधिक सक्रिय रहते हैं, जिसके कारण विद्यालय की गतिविधियाँ उपेक्षित हैं। परिणामस्वरूप छात्रों का प्रदर्शन लगातार गिर रहा है।”


परीक्षा परिणामों ने खोली हकीकत

 

वर्ष 2025 के बोर्ड परिणामों ने तो मानो आग में घी डालने का काम किया है।
जानकारी के अनुसार..

  • कक्षा 10वीं का परिणाम मात्र 49% रहा,
  • जबकि कक्षा 12वीं का परिणाम सिर्फ़ 13% तक सिमट गया।

यह आँकड़े बताते हैं कि विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति किस कदर गिर चुकी है।
जनपद उपाध्यक्ष रक्षा सिंह का कहना है,

“यह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ जैसा है। यदि अब भी सुधार के कदम नहीं उठाए गए, तो करकी जैसे ग्रामीण अंचलों में शिक्षा का स्तर और नीचे चला जाएगा।”


शिक्षकों में रोष  “अपमानजनक व्यवहार और तानाशाही रवैया”

विद्यालय के ही संकुल केंद्र से जुड़े 29 शिक्षकों ने भी जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर प्रभारी प्राचार्य के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिक्षकों का कहना है कि जब वे किसी सरकारी कार्य या संकुल मीटिंग के लिए विद्यालय पहुँचते हैं, तो प्रभारी प्राचार्य अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और अपमानजनक व्यवहार करते हैं।

“कई बार तो शाम 4:30 बजे तक आने पर भी हमें डांट-फटकार सुननी पड़ती है, जबकि हम विभागीय काम पूरा करने के लिए रुकते हैं। इस तरह का रवैया शिक्षकों की कार्यक्षमता को कमजोर कर रहा है।”


“करकी स्कूल को फिर से जगाना होगा” जनप्रतिनिधियों की अपील

जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों का कहना है कि करकी स्कूल कभी क्षेत्र के उत्कृष्ट विद्यालयों में गिना जाता था, लेकिन वर्तमान नेतृत्व में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
कलेक्टर से की गई अपील में लिखा गया है कि

“विद्यालय के अनुशासन और सम्मान को पुनः स्थापित करने के लिए प्रभारी प्राचार्य का तत्काल स्थानांतरण आवश्यक है, ताकि शिक्षा व्यवस्था फिर से पटरी पर लौट सके।”


जिले के शिक्षा विभाग पर निगाहें

अब पूरा मामला जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की अदालत में है।
जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों की एकजुट मांग ने शिक्षा महकमे में हलचल मचा दी है।
लोगों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन जल्द ही ठोस कदम उठाकर करकी विद्यालय को एक बार फिर ज्ञान और अनुशासन का केंद्र बनाएगा।


The mukhbir से राहुल सिंह राणा, 9407812522, 6260146722

The Mukhbir
Author: The Mukhbir

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