the mukhbir शहडोल। 1 जनवरी 2024 से 50% DA बढ़ोतरी और सभी रेलकर्मियों के TA में 25% वृद्धि के बावजूद रनिंग स्टाफ के माइलेज भत्ते में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। इसी उपेक्षा के खिलाफ शहडोल के लोको पायलट 48 घंटे का शांतिपूर्ण Hunger Fast (भूख-हड़ताल) करेंगे।
लोको पायलट जिन्हें भारतीय रेल की रीढ़ कहा जाता है. अपने कार्यभार, जिम्मेदारी और जोखिम के अनुपात में भत्तों के समुचित संशोधन न होने से नाराज़ हैं। उनका कहना है कि रेल संचालन की सुरक्षा, समयबद्धता और यात्रियों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, इसलिए माइलेज भत्ता बढ़ाना नितांत आवश्यक है।
शहडोल में विरोध का कार्यक्रम
शहडोल क्रू मुख्यालय के सामने 02 दिसम्बर 2025 से 04 दिसम्बर 2025 तक प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से भूख हड़ताल किया जायेगा। विशेष बात: ट्रेन संचालन प्रभावित नहीं होगा, पायलट उपवास रखते हुए भी अपनी ड्यूटी निभाएँगे। यह आंदोलन ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है।
ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) प्रमुख मांगे
• TA बढ़ोतरी के अनुरूप माइलेज भत्ता बढ़ाया जाए।किलोमीटर भत्ते में 70% आयकर मुक्त किया जाए।
• कार्य समय व विश्राम अवधि–PR 16+30=46 घंटे सुनिश्चित किया जाए।
• ALP, LPS, LPG, LPP और LPM के लिए वेतनमान L-6 से L-10 तक निर्धारित किए जाएँ।
• मेल 06 घंटे व मालगाड़ी 08 घंटे की अधिकतम ड्यूटी तय हो।
• लगातार दो रात की ड्यूटी को मान्यता दी जाए।
• 36 घंटे का नैसर्गिक विश्राम बहाल किया जाए।
• सहायक लोको पायलट पर हेड ब्रेक लगाने/ FSD हटाने पर रोक लगाई जाए।
• महिला रनिंग स्टाफ के लिए सुरक्षा संबंधी प्रावधान हों।
• NPS/UPS को हटाकर OPS बहाल की जाए.
शाखा सचिव विनय कुमार मिश्रा ने कहा…“लोको पायलट रेल व्यवस्था का हृदय हैं। हमारी मांगें न्यायसंगत हैं और शांतिपूर्वक रखी जा रही है।
The mukhbir टीम शहडोल









