
परीक्षा परिणामों और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के खिलाफ भड़का छात्र आक्रोश
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों, मूल्यांकन व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में लगातार बढ़ रही अव्यवस्थाओं से क्षुब्ध भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एन.एस. यू.आई.) ने जिला अध्यक्ष सौरभ तिवारी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन करते हुए परीक्षा विभाग का पुतला दहन किया।
विश्वविद्यालय परिसर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में छात्र-छात्राओं की भारी उपस्थिति ने स्पष्ट कर दिया कि विश्वविद्यालय की लापरवाही अब विद्यार्थियों के भविष्य पर सीधे प्रहार कर रही है।
इन प्रमुख मुद्दों पर भड़का विरोध, छात्रों की पीड़ा हुई मुखर
एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय में जारी अव्यवस्थाओं को प्रशासनिक विफलता करार देते हुए सात प्रमुख समस्याओं को तत्काल हल करने की मांग की, एक ही व्यक्ति के पास कई-कई प्रभार व्यवस्था चरमराई, कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन, परिणाम तैयार करना और कॉपियाँ जबलपुर ले जाना और लाना…सब एक ही व्यक्ति द्वारा किया जाता है. एनएसयूआई ने इसे ‘प्रशासनिक दुरुपयोग’ बताते हुए ऐसे व्यक्तियों को तुरंत हटाने की मांग की।
बी.कॉम प्रथम वर्ष के परिणामों में भारी गड़बड़ी
लगभग 60% छात्रों को एटीकेटी—जबकि अधिकांश ने परीक्षा अच्छी दी थी। यह मूल्यांकन प्रणाली की गंभीर खामियों का साफ संकेत है। मांग: परिणामों का पुनः परीक्षण और सुधार। तृतीय-चतुर्थ वर्ष के छात्रों को एडमिट कार्ड तक नहीं परीक्षाएं चल रही हैं, पर एडमिट कार्ड जारी नहीं, छात्रों को केंद्रों पर रोजाना परेशान होना पड़ रहा है।
छात्रों की मांग: सभी एडमिट कार्ड तत्काल जारी किए जाएँ। परीक्षा/एनरोलमेंट फ़ॉर्म की वेबसाइट सिर्फ 3 दिन खुली 2 दिन रही बंद. सिर्फ नाममात्र समय देने के बाद भी वेबसाइट ठप। छात्रों की मांग: अवधि बढ़ाई जाए और सर्वर दुरुस्त हो। बीए/बीएससी प्रथम-द्वितीय वर्ष के परिणामों में 5–6 महीने की देरी, छात्र सत्र पीछे खिसकने की कगार पर। छात्रों की मांग: परिणाम तुरंत घोषित हों। 2023 एवं 2024 के विद्यार्थियों की मार्कशीट अभी तक लंबित, करीब दो साल बीतने पर भी मार्कशीट न मिलना गंभीर लापरवाही। छात्रों की मांग: सभी लंबित मार्कशीट तुरन्त जारी की जाएँ।

सीसीई व प्रैक्टिकल में उपस्थित छात्रों को ‘एब्सेंट’ दिखाना
परीक्षा देने के बाद भी ‘गैरहाजिर’ बताना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़। छात्रों की मांग: पूर्ण सुधार कर सही अंक जारी किए जाएँ।एनएसयूआई ने दी चेतावनी समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन. एनएसयूआई ने स्पष्ट कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत कार्यवाही नहीं करता, तो संगठन छात्रहित में उग्र और व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल
विरोध में प्रमुख रूप से शामिल रहे जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी, उपाध्यक्ष आशीष द्विवेदी, उपाध्यक्ष सिमरन कौर, अमन तिवारी, दीपांशु गुप्ता, महेंद्र सिंह, हर्षित, ओम, कान्हा, आशु, शिवांशु, मृत्युंजय, शुभक, आयुष, अजय, शुभम, आदर्श, शिवम्, दीपक, रोहित
और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ व एनएसयूआई कार्यकर्ता।
परीक्षा विभाग की लापरवाही अब छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुँचा रही है। एनएसयूआई का यह विरोध प्रदर्शन स्पष्ट संकेत है कि छात्र अब चुप नहीं बैठेंगे, न्याय और पारदर्शिता की मांग तेज होगी।
The mukhbir से सुनीता सिंह की रिपोर्ट









