
शिवम कॉलोनी के लोग परेशान, न प्रशासन सुन रहा, न अवैध कब्जे रुक रहे
The mukhbir- शहडोल। शहर में अवैध कब्जों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कोटमा रोड एमपीईबी सब स्टेशन के सामने की शासकीय भूमि का है, जहाँ वर्षों से लोगों की आवाजाही और जल निकासी व्यवस्था के लिए खाली छोड़ी गई जमीन पर अब खुलकर कब्जे का खेल चल रहा है। कॉलोनी के रहवासी लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई का नाम तक नहीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शासकीय भूमि पर पहले बाल्मिक जायसवाल और उनके पुत्र प्रदीप जायसवाल ने कब्जा किया। यही नहीं, सामने की सरकारी भूमि को भी कब्जाने का प्रयास किया गया, जिसकी शिकायत नगर पालिका अधिकारियों को वर्षों से दी जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इधर, कॉलोनी निवासी बताते हैं. कि शांति देवी मेमोरियल स्कूल के सामने शासकीय भूमि पर मकान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मजदूर बुलाकर खुदाई और दीवाल कि जोड़ाई तक शुरू करा दी गई है, और कॉलोनीवासियों के द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि इस भूमि पर निर्माण कर दिया गया, तो पूरे क्षेत्र की पानी निकासी ठप हो जाएगी। बरसात में कॉलोनी के घर डूब जाएंगे और सड़कें तालाब बन जाएँगी।
कॉलोनी निवासियों ने चेतावनी दी है कि यह भूमि न सिर्फ जल निकासी के लिए आवश्यक है, बल्कि क्षेत्र में होने वाले धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी जरूरी है। यदि इसे कब्जा कर लिया गया, तो आने वाले वर्षों तक आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि
शासकीय भूमि को तत्काल अधिसूचित कर संरक्षित किया जाए, ताकि किसी भी व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा न किया जा सके।
साथ ही नगर पालिका के अधिकारियों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। आखिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई. किसके संरक्षण में यह कब्जे बढ़ रहे हैं.
शिवम कॉलोनी के निवासियों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और भूमि संरक्षण की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी आम आदमी शासकीय भूमि को अपनी निजी जागीर न समझें।
The mukhbir से सुनीता सिंह
Author: The Mukhbir
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