April 17, 2026 4:39 pm

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शहडोल जिला अस्पताल में मरीज से डॉक्टर ने “मांगे पैसे” कलेक्टर से शिकायत

-शहडोल कुशा भाऊ ठाकरे जिला अस्पताल में मरीज से “पैसे मांगने” का गंभीर आरोप, 70 वर्षीय वृद्ध मरीज को ऑपरेशन के नाम पर किया परेशान
कलेक्टर शहडोल से की गई लिखित शिकायत, डॉक्टर पर अवैध वसूली का आरोप आयुष्मान कार्ड होते हुए भी 14-15 हजार मांगने की बात
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। जिला अस्पताल शहडोल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। आदिवासी परिवार के एक 70 वर्षीय वृद्ध मरीज के इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा पैसे मांगने और आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित करने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
पीड़ित पक्ष ने कलेक्टर शहडोल को लिखित शिकायत सौंपते हुए डॉ. अरविंद अम्बेडकर (अस्थि रोग विशेषज्ञ) पर आरोप लगाया है. कि उन्होंने ऑपरेशन के नाम पर लगातार पैसों की मांग की, जिससे मजबूर होकर गरीब मरीज को अस्पताल से बाहर इलाज कराने जाना पड़ा।

क्या है मामला…

शिकायत पत्र में शिकायतकर्ता पूजा सिंह ग्राम देवरी जिला शहडोल के अनुसार जीवन सिंह पिता बिहारी सिंह उम्र लगभग 70 वर्ष को इलाज हेतु जिला अस्पताल शहडोल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टर ने मरीज को पैर की हड्डी के ऑपरेशन की सलाह दी और बताया कि ऑपरेशन जिला अस्पताल में ही किया जाएगा।
डॉक्टर पर आरोप है कि ऑपरेशन के लिए 14 से 15 हजार रुपये खर्च की बात कही गई, मरीज के पास आयुष्मान कार्ड मौजूद था जब आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज की बात कही गई तो कहा गया कि “आयुष्मान का टेंडर खत्म हो गया है, अब पैसे लगेंगे” सबसे बड़ा सवाल: आयुष्मान योजना “कागजों में” या “जमीन पर” यह मामला सिर्फ एक मरीज तक सीमित नहीं माना जा रहा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डॉक्टर की पैसे मांगने वाली प्रक्रिया से परेशान होकर मरीज को मजबूरी में अस्पताल से बाहर (अन्यत्र) उपचार कराने जाना पड़ा।
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या जिला अस्पताल में आयुष्मान योजना का लाभ बंद हो गया है, या फिर कुछ लोग गरीबों को योजनाओं से दूर रखकर मनमानी वसूली कर रहे हैं. क्या शासन की महत्वाकांक्षी योजना को “कमाई का जरिया” बनाया जा रहा है।

गरीब आदिवासी परिवार ने लगाया शोषण का आरोप…

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि इस मामले की जानकारी रिश्तेदारों द्वारा सिविल सर्जन कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल को मौखिक रूप से दी गई थी, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद डॉक्टर द्वारा बार-बार पैसे मांगने का दबाव बनाया गया।
पीड़ित परिवार ने कहा कि यदि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो हम जैसे गरीब आदिवासी अस्पताल में इलाज कराने से डरने लगेंगे।

कलेक्टर से की गई सख्त कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि डॉ. अरविंद अम्बेडकर के खिलाफ कड़ी जांच एवं कठोर कार्रवाई की जाए. आयुष्मान योजना बंद होने का सच सामने लाया जाए. गरीब मरीजों से हो रही कथित अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए.

जनता में आक्रोश…

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, जिला अस्पताल जैसे सरकारी संस्थान में यदि आयुष्मान कार्ड होते हुए भी मरीज से पैसे मांगने के आरोप सच निकलते हैं तो यह सीधे तौर पर शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर बड़ा तमाचा माना जाएगा।
अब देखना होगा कि कलेक्टर प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या गरीब मरीज को न्याय मिल पाता है या नहीं।

इस सम्बन्ध में डॉ अरविंद अम्बेडकर का कहना कि सभी आरोप निराधार है.

The Mukhbir
Author: The Mukhbir

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