उमरिया। पिछले तीन दिनों से पुलिस पर हमला और लूट की वारदात से पूरे जिले में दहशत फैलाने वाले कुख्यात आरोपी करिया लोनी का आखिरकार पुलिस से सामना हो गया। लोढ़ा के घने जंगल में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान आज दोनों तरफ से फायरिंग हुई, जिसमें करिया लोनी को पैर में गोली लगने के बाद पकड़ा गया। उसे जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इस मुठभेड़ में एक पुलिस जवान भी घायल हुआ है।
तीन दिन से जिले में फैली थी सनसनी
करिया लोनी ने तीन दिन पहले एक पुलिस जवान पर लोहे की रॉड से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके अलावा वह हार्वेस्टर मशीन मालिक और एक रेलवे कर्मी से लूट की वारदात में भी शामिल था। लगातार बढ़ रही घटनाओं से पुलिस सतर्क हो गई थी और आरोपी की तलाश में लोढ़ा जंगल को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
जंगल में फंसा था आरोपी, चारों तरफ से घेरा
पुलिस को सूचना मिली थी कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी करिया लोनी अपने साथियों के साथ जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद जिले के कई थाना क्षेत्रों की पुलिस, डॉग स्क्वाड और फोर्स को जंगल में उतारकर लगातार कॉम्बिंग की जा रही थी। तीन दिनों तक चला यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
आज हुई आमने-सामने की फायरिंग
शनिवार सुबह पुलिस टीम ने करिया लोनी को जंगल में देखा और चारों ओर से घेराबंदी शुरू की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें करिया लोनी के पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। उसे तुरंत पकड़ा गया और सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घायल पुलिस जवान का इलाज जारी
मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस जवान भी गोली लगने से घायल हुआ है। उसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और घायल जवान खतरे से बाहर है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
सूत्रों के अनुसार करिया लोनी के साथ दो और आरोपी जंगल में मौजूद थे, जिन्हें पकड़ने की कोशिश जारी है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी कीमत पर अपराधियों को नहीं छोड़ा जाएगा।
जिले में जनता ने राहत की सांस ली
इस बड़ी कार्रवाई के बाद आम जनता ने राहत की सांस ली है। लगातार वारदातों से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था, जिसे पुलिस की कार्रवाई ने काफी हद तक शांत किया है।
जिला पुलिस प्रशासन ने कहा है कि आरोपी के बारे में और भी अपराधों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, और उसके साथियों पर भी जल्द शिकंजा कसा जाएगा।
जितेंद्र विश्वकर्मा कि रिपोर्ट









