तस्करी नेटवर्क का खुल सकता है बड़ा राज
The mukhbir राहुल सिंह राणा, उमरिया। धमोखर वन परिक्षेत्र में शनिवार को वन विभाग ने एक सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया। चेचारिया बीट के रायपुर चौराहे के पास बाघ के दांत और नाखून के अवैध सौदे की कोशिश कर रहे एक नाबालिग को विभाग की टीम ने घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ खुलासा
वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली कि रायपुर चौराहे के आसपास कोई युवक वन्यजीव अंग बेचने की फिराक में है। सूचना मिलते ही डिप्टी रेंजर उमेश वर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके की रणनीतिक घेराबंदी की।
जैसे ही संदिग्ध लड़का दिखाई दिया, टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से बाघ का एक दांत और एक नाखून बरामद हुआ—जो वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
आधार कार्ड से खुला बड़ा सच
जांच के दौरान जब लड़के की पहचान की गई, तो दस्तावेजों में पता चला कि वह नाबालिग है। इसके बाद डिप्टी रेंजर ने वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया और किशोर को नियमों के अनुसार उन्हें सुपुर्द कर दिया।
तस्कर नाबालिगों को बना रहे निशाना
वन विभाग को आशंका है कि इस मामले के पीछे एक संगठित तस्करी गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो नाबालिगों को लालच देकर उनसे अवैध काम करवाता है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि
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यह अंग नाबालिग तक कैसे पहुंचे?
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किसने उसे बेचने के लिए भेजा?
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क्या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है.
तस्करी पर बड़ी सख्ती
धमोखर रेंज में बीते कुछ समय से वन्यजीव अपराधों पर लगाम लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। विभाग ने अपने खुफिया नेटवर्क को भी मजबूत किया है, जिससे समय रहते सूचना मिल सके और कार्रवाई की जा सके।
बरामद दांत और नाखून को सुरक्षित रखकर उनकी फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।
नाबालिग का मामला, JJA के तहत कार्रवाई
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग के साथ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के सभी नियमों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। जांच पूरी होने तक उसे बाल संरक्षण प्रावधानों के तहत रखा जाएगा।
इस कार्रवाई ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है। विभाग को उम्मीद है कि पूछताछ और जांच के बाद बाघ अंगों की तस्करी में शामिल बड़े चेहरे भी सामने आ सकती है.
Author: The Mukhbir
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