April 17, 2026 6:01 pm

सच सीधा आप तक

स्कूल में मास्टर नहीं, मदहोशी का मंजर…


करौंदी टोला की घटना ने मानपुर की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी….
The mukhbir राहुल सिंह राणा-उमरिया। जिले की कमजोर शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर ताबड़तोड़ सवाल खड़े हो गए हैं। मानपुर जनपद पंचायत के करौंदी टोला प्राथमिक विद्यालय में जो नजारा सामने आया, उसने पूरे जिले को शर्मसार कर दिया है। बच्चों को पढ़ाने वाला शिक्षक खुद नशे में धुत्त होकर लड़खड़ा रहा था। यह दृश्य किसी मजाक का हिस्सा नहीं, बल्कि उमरिया के भविष्य के साथ किया जा रहा निर्मम खिलवाड़ है।

मास्टरश्री लड़खड़ा रहे और शिक्षा व्यवस्था भी…

जन शिक्षा केंद्र बिजौरी की निरीक्षण टीम जब स्कूल पहुँची, तो शिक्षक चंद्रभान कोल नशे में ऐसे धुत मिले कि टीम उनसे दो शब्द भी नहीं बुलवा सकी। यह कोई पहली बार नहीं, गाँव के अभिभावक बताते हैं कि कई दिनों से यही हाल है। किसी को पढ़ाना तो दूर, खड़े रहना भी मुश्किल!
अभिभावक अभयराज सिंह बताते हैं कि कई बार समझाने पर भी शिक्षक के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। यानी बच्चों की पढ़ाई भगवान भरोसे और शिक्षक शराब भरोसे चल रही थी।

वीडियो हुआ वायरल

शिक्षक के नशे में झूमते-लड़खड़ाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गए। वीडियो ने जिलेभर में गुस्सा भड़का दिया।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल वीडियो वायरल हो गया, पर जिम्मेदार विभाग अभी भी जागे नहीं।
गाँव के लोगों का कहना है कि पहले से ही शिक्षा व्यवस्था धीमी गति से चल रही है, और अब ऐसे शिक्षक बच्चों का भविष्य अंधेरे में धकेल रहे हैं।

गाँववालों ने किया पंचनामा, अब कार्रवाई की माँग तेज

शिक्षक की शर्मनाक हरकतों से परेशान होकर ग्रामवासी, रोजगार सहायक, जनशिक्षक, रसोईया और सरपंच सभी एकजुट होकर मौके पर पहुँचे और पूरे मामले का पंचनामा तैयार किया।
ग्रामीण अब लिखित शिकायत आगे भेजने जा रहे हैं ताकि इस बार कार्रवाई सिर्फ फाइलों में बंद न हो।

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का बयान “हमें जानकारी नहीं…”

मानपुर BEO पी.वी. प्रजापति का कहना है कि मामला “उनके पास आधिकारिक रूप से नहीं पहुंचा है।” लेकिन उन्होंने ये भी माना कि चंद्रभान कोल पहले भी नशे की वजह से सस्पेंड हो चुके हैं।बहाली के बाद इन्हें करौंदी टोला में फिर पोस्ट किया गया।
अब बड़ा सवाल
क्या शिक्षा विभाग को ऐसे शिक्षकों की ड्यूटी बच्चों के बीच लगानी जरुरी है.

कागजों में शिक्षा, ज़मीनी हकीकत में बेहोशी

उमरिया जिले का यह मामला सिर्फ एक शिक्षक का नहीं, यह बताता है कि मॉनिटरिंग गायब है, कार्रवाई कमजोर है, निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता है और बच्चों की पढ़ाई मजाक बन चुकी है।
जिले की शिक्षा व्यवस्था का स्तर पहले ही गिरा हुआ है, और अब ऐसे शिक्षक बच्चों के भविष्य पर ताला लगाने जैसा काम कर रहे हैं।
“अगर अब कार्रवाई नहीं हुई, तो कौन करेगा बच्चों की सुरक्षा”
ग्रामीण अब एक सुर में मांग कर रहे हैं कि ऐसे शिक्षकों को तुरंत हटाया जाए, स्कूल की नियमित निगरानी हो और बच्चों को नशे में धुत शिक्षकों की दया पर न छोड़ा जाए

क्योंकि बात साफ है…

शराबी मास्टर बच्चों का भविष्य नहीं, सिर्फ शर्मिंदगी लिख सकते हैं।
और जब शिक्षक ही शिक्षा कि पाठशाला में पटरी से उतर जाएँ, तो शिक्षा विभाग को अब और चुप रहने का अधिकार नहीं।

The mukhbir से सुनीता सिंह कि रिपोर्ट 

The Mukhbir
Author: The Mukhbir

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