जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में उठाई आवाज
The mukhbir राहुल सिंह राणा-शहडोल। कर्तव्यपालन के दौरान दिवंगत हुए आरक्षक स्व. महेश पाठक को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग अब जनआवाज़ बन चुकी है। जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधियों सांसद श्रीमती हिमांद्री सिंह, विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक जैतपुर जय सिंह मरावी, विधायक ब्यौहारी शरद जुगलाल कोल, नगर परिषद शहडोल अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल सहित अन्य कई जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी, पत्रकार साथी ने मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन मोहन यादव को पत्र लिखकर यह मांग रखी है कि स्व. महेश पाठक के बलिदान को उचित सम्मान मिले और उनके परिवार को वह सभी सहायता प्रदान की जाए जिसके वे अधिकारी हैं।
7 दिसंबर रविवार 2025 को शहडोल राजीव गाँधी बस स्टैंड के पास यातायात व्यवस्था संभालते समय आरक्षक स्व. महेश पाठक ड्यूटी पर थे। तभी अचानक हुए एक दुखद सड़क हादसे में उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह घटना न केवल पुलिस विभाग के लिए, बल्कि पूरे जिले, संभाग और प्रदेश के लिए एक बड़ी क्षति है। स्व. महेश पाठक मूल रूप से रीवा जिले के निवासी थे और अपनी कर्मनिष्ठा तथा अनुशासन के लिए जाने जाते थे। जिस समय वे हादसे का शिकार हुए, उस समय वे कोतवाली शहडोल में पदस्थ थे और नए बस स्टैंड कि ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात थे अर्थात पूरी तरह कर्तव्य के पथ पर।
इस घटना के बाद जनप्रतिनिधि एकजुट होकर मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं ताकि महेश पाठक के परिवार को न्याय मिल सके।

सांसद हिमाद्री सिंह, का पत्र.

विधायक मनीषा सिंह, का पत्र.

विधायक शरद जुगलाल कोल, का पत्र.

विधायक जयसिंह मरावी, का पत्र.
नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम दास जायसवाल, का पत्र तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने पत्रों में तीन मुख्य मांगें रखी हैं
• शासकीय आर्थिक सहायता प्रदान की जाए
जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि मध्यप्रदेश शासन की नीति एवं मानक के अनुसार दिवंगत आरक्षक के परिजनों को अधिकतम आर्थिक सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए। यह सहायता परिवार को इस कठिन समय में संबल देने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
• आरक्षक स्व. महेश पाठक को शहीद का दर्जा दिया जाए
सभी जनप्रतिनिधियों ने एकमत होकर कहा है कि स्व. महेश पाठक ड्यूटी के दौरान दिवंगत हुए हैं, इसलिए उन्हें अमर शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। यह सम्मान न केवल उनके बलिदान को उचित मान्यता देगा, बल्कि पुलिस विभाग में सेवारत प्रत्येक जवान के मनोबल को भी ऊँचा करेगा।
• परिवार के एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए
पत्रों में यह भी उल्लेख है कि स्व. महेश पाठक के परिवार के किसी योग्य सदस्य को सरकार द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए, ताकि परिवार की आगे की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
जनप्रतिनिधियों के ये पत्र प्रशासन और सरकार के लिए यह स्पष्ट संदेश हैं कि शहडोल जनता अपने वीर जवानों के सम्मान के लिए एकजुट है। आरक्षक स्व. महेश पाठक केवल एक पुलिसकर्मी नहीं थे, बल्कि जनता की सुरक्षा हेतु सदैव तत्पर रहने वाले सच्चे कर्मयोद्धा थे, जिन्होंने कर्तव्य की राह पर चलते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
अब जिले की जनता और जनप्रतिनिधियों को उम्मीद है कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री और शासन इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र निर्णय लेंगे, ताकि दिवंगत आरक्षक के परिवार को न्याय, सम्मान और संबल मिल सके। महेश पाठक का बलिदान व्यर्थ न जाए यही पूरे जिले एवं प्रदेश की सामूहिक भावना है।
The mukhbir टीम मध्यप्रदेश
Author: The Mukhbir
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