
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। सूदखोरी के खिलाफ कड़े कानून होने के बावजूद जिले में ऐसे लोग खुलेआम गरीब-मजदूर और महिलाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं, जो जरूरत के समय सहारा देने के नाम पर उनकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी हड़प लेते हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें किरन टॉकीज के पास निवासी धीरज सोनी पर महिला रूपा सिंह निवासी घरौला मोहल्ला ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता रूपा सिंह के अनुसार, उसने आर्थिक मजबूरी में धीरज सोनी के पास करीब 10 लाख रुपये मूल्य का सोना-चांदी गिरवी रखा था। बदले में धीरज सोनी ने उसे 5 लाख रुपये कर्ज दिया। लेकिन यहीं से शुरू हुआ सूदखोरी और धोखाधड़ी का घिनौना खेल।
ब्याज वसूली पूरी, फिर भी गहने गायब
रूपा सिंह ने बताया कि धीरज सोनी को वह अब तक 1 लाख रुपये ब्याज के रूप में दे चुकी है, और उससे ब्याज पर उधार लिए ₹5,00,000 वापस देने गई तो उसे धीरज सोनी ₹ 8,00,000 की मांग करने लगा शिकायतकर्ता ने उसे जितनी रकम ली थी उतनी रकम वापस करने की बात की तो आरोपी ने सोना-चांदी लौटाने से साफ इनकार कर दिया। कई बार उसके घर और दुकान के चक्कर काटने के बाद भी अब उसकी नियत पूरी तरह बदल चुकी है।
कौन-कौन से गहने रखे गए थे गिरवी
शिकायत में रूपा सिंह ने स्पष्ट किया है कि धीरज सोनी के पास गिरवी रखे गए गहनों में…10 तोला सोना और 900 ग्राम चांदी के सामान थे जिनमें कान के झुमके 2 नग, एक सोने की चेन, एक जेंट्स सोने की अंगूठी, तीन लेडिस सोने की अंगूठियां, दो मंगलसूत्र, एक महाराष्ट्रीयन लॉकेट सहित अन्य कीमती सामान शामिल थे.
यह कोई छोटी-मोटी रकम नहीं, बल्कि एक महिला की जिंदगी भर की कमाई और सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
पुलिस अधीक्षक से की शिकायत
न्याय की आस में पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक शहडोल को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सवाल यह है कि जब कर्ज और ब्याज दोनों चुका दिए गए, तो गहनों को रोककर रखना किस कानून के तहत जायज है.
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क्या सूदखोरों को कानून का कोई डर नहीं.
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क्या गरीब और महिलाएं ऐसे ही ठगी जाती रहेंगी.
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क्या प्रशासन इस खुलेआम लूट पर सख्त कार्रवाई करेगा.
अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस सूदखोर के खिलाफ कब और कैसी कार्रवाई करता है, ताकि भविष्य में कोई और महिला इस तरह ठगी का शिकार न बने।
The mukhbir टीम
Author: The Mukhbir
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