April 17, 2026 7:36 pm

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चंदिया वन परिक्षेत्र में बाघ के शिकार का खुलासा: दो और आरोपी गिरफ्तार

अब तक आठ शिकारी सलाखों के पीछे

The Mukhbir उमरिया-चंदिया। जिले के चंदिया वन परिक्षेत्र में सामने आए बाघ शिकार के सनसनीखेज मामले में वन विभाग को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। लगातार चल रही सघन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस जघन्य वन्यजीव अपराध में अब तक कुल आठ आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
यह मामला तब सामने आया जब बीते शनिवार को सामान्य वन मंडल अंतर्गत चंदिया वन परिक्षेत्र में कथली नदी के किनारे गश्त कर रहे वनकर्मियों को एक बाघ का शव संदिग्ध हालत में मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को सील कर गहन जांच शुरू की गई।

टी-185 बाघ की शिकार में मौत की पुष्टि

जांच के दौरान मृत बाघ की पहचान बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के प्रसिद्ध बाघ टी-185 के रूप में की गई, जिसकी उम्र लगभग आठ वर्ष बताई गई है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बाघ की मौत प्राकृतिक नहीं बल्कि शिकार के कारण हुई है, जिसने पूरे वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया।
रविवार को पशु चिकित्सकों की विशेष टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों ने शिकार की आशंका को और मजबूत कर दिया।

रिमांड में खुलते गए राज, शिकारी नेटवर्क की परतें उजागर

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पहले चरण में छह संदिग्धों को गिरफ्तार कर न्यायालय से रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर गुरुवार को लालचंद बैगा और अरुण कोल, दोनों निवासी ग्रामीण क्षेत्र, को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से बाघ शिकार में प्रयुक्त सामग्री सहित कई आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इनकी भूमिका केवल सहयोग तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे शिकार की पूरी योजना में सक्रिय रूप से शामिल थे।

संगठित गिरोह की आशंका, जांच जारी

वनमंडल अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि क्या इस शिकार के पीछे किसी संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है और वन्यजीव अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें वन्यजीव अपराध से जुड़ी कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि ऐसे अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

वन्यजीव संरक्षण पर बड़ा सवाल

बांधवगढ़ जैसे संवेदनशील टाइगर कॉरिडोर में बाघ का शिकार होना वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, वन विभाग की त्वरित और सख्त कार्रवाई यह संकेत देती है कि दोषियों को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।
The Mukhbir इस मामले से जुड़े हर नए अपडेट पर नजर बनाए हुए है।
The Mukhbir
Author: The Mukhbir

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