
The mukhbir शहडोल। जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाएँ, अत्यधिक ठंड का मौसम और सुरक्षा के प्रति लापरवाही आज समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। ऐसे समय में जब हर दिन किसी न किसी घर का चिराग सड़क पर बुझ रहा है, वहीं कुछ जागरूक नागरिक समाज के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आ रहे हैं।
इसी कड़ी में शनिवार को सड़क सुरक्षा को लेकर एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। सामाजिक सरोकार से जुड़े मुरली मनोहर गौतम, गणेश प्रताप सिंह “दादू”, अन्नू त्रिपाठी, अंकुर गौतम एवं मित्रमंडली द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब एवं मेहनतकश ग्रामीण मजदूरों को 40 नग हेलमेट वितरित किए गए।
सिर्फ हेलमेट नहीं, सुरक्षित भविष्य का संदेश
यह पहल केवल हेलमेट वितरण तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके माध्यम से सड़क पर चल रहे हर व्यक्ति को यह संदेश दिया गया कि—
“सुरक्षा नियमों का पालन करना मजबूरी नहीं, जीवन की जरूरत है।”
ग्रामीण मजदूर अक्सर रोज़गार की तलाश में साइकिल या दोपहिया वाहनों से लंबी दूरी तय करते हैं। ठंड, कोहरा और तेज रफ्तार के बीच हेलमेट की अनुपलब्धता उनकी जान के लिए बड़ा खतरा बन जाती है। ऐसे में यह प्रयास उनके जीवन की सुरक्षा की दिशा में एक ठोस कदम साबित हुआ।

मानवता, संवेदना और जिम्मेदारी का उदाहरण
हेलमेट वितरण के दौरान मजदूरों को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक भी किया गया। उन्हें बताया गया कि हेलमेट सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।
कार्यक्रम में मौजूद सभी समाजसेवियों ने एक स्वर में कहा कि “अगर एक भी हेलमेट किसी की जान बचा ले, तो हमारा प्रयास सार्थक है।”
प्रशंसा के पात्र बने समाजसेवी इस मानवीय पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे प्रयास लगातार होते रहें, तो सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित ही कमी लाई जा सकती है।
आज जब अधिकतर लोग सिर्फ अपनी सुविधा तक सीमित हैं, तब मुरली मनोहर गौतम, गणेश प्रताप सिंह ‘दादू’, अन्नू त्रिपाठी, अंकुर गौतम एवं उनकी मित्रमंडली ने यह साबित कर दिया कि सच्चा नागरिक वही है, जो समाज के कमजोर वर्ग की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझे।
Author: The Mukhbir
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