
The mukhbir ब्यूरो बिलासपुर। साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे, बिलासपुर के नवनियुक्त प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी (PCSO) के पद पर कार्यभार संभालने के लिए अनूप सतपति का हावड़ा-मुंबई मेल से बिलासपुर आगमन हुआ। उनके आगमन पर रेलवे स्टेशन पर श्रमिक यूनियन, बिलासपुर (ए.आई.आर.एफ.) के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा पुष्पगुच्छ एवं माला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर रेलकर्मियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पदाधिकारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके नेतृत्व में रेल संरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रमिक यूनियन, बिलासपुर (ए.आई.आर.एफ.) मनोज बेहरा ने बधाई देते हुए बताया कि अनूप सतपति का प्रेरणादायक रेलवे कैरियर वर्ष 1997 में शहडोल से प्रारंभ हुआ था, जहाँ उन्होंने क्षेत्रीय प्रबंधक के रूप में अपनी सेवाएं दीं। शहडोल से शुरू हुई उनकी यह कर्मठ यात्रा आज उन्हें साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे जैसे महत्वपूर्ण जोन में प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी के सर्वोच्च पद तक ले आई है, जो उनकी कार्यकुशलता, अनुशासन और समर्पण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
अनुभव और नेतृत्व से संरक्षा को मिलेगी नई दिशा
रेलवे संरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील एवं जिम्मेदारीपूर्ण क्षेत्र है। अनूप सतपति अपने लंबे अनुभव, तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में रेलवे में यात्री सुरक्षा, परिचालन संरक्षा और दुर्घटना रोकथाम को लेकर नई ऊर्जा और प्रभावी रणनीति देखने को मिलने की संभावना है।
श्रमिक यूनियन ने जताया सहयोग
श्रमिक यूनियन, बिलासपुर (ए.आई.आर.एफ.) के पदाधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि रेल संरक्षा से जुड़े हर सकारात्मक कदम में यूनियन का पूर्ण सहयोग रहेगा। उन्होंने कहा कि
“रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी, तो कर्मचारियों और यात्रियों—दोनों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।”
नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें
अनूप सतपति का यह पदभार न केवल रेलवे प्रशासन के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कर्मचारियों और यूनियन प्रतिनिधियों को विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन में साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे सुरक्षा, गुणवत्ता और विश्वसनीयता के नए मानक स्थापित करेगा।
Author: The Mukhbir
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