
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। जिले एवं नगर के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में गिने जाने वाले मकर संक्रांति बाणगंगा मेला मैदान 2026 को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। क्षेत्र एवं वार्ड क्रमांक 17 के पार्षद प्रकाश नारायण शुक्ला (पिंकू) ने नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर मेले में अव्यवस्था, मनमानी और संभावित हादसे की आशंका जताई है।
पार्षद के पत्र में यह आरोप
पार्षद द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, मकर संक्रांति पर्व पर आयोजित होने वाले इस मेले में जिले-प्रदेश के कई स्थानों से व्यापारी आते हैं. और सभी को दुकान लगाने का समान अधिकार होना चाहिए। लेकिन मेले की व्यवस्था में कुछ प्रभावशाली लोगों को कथित तौर पर खुली छूट दी जा रही है। “जैन कल्पना रेस्टोरेंट” पर कब्जे का आरोप, पत्र में सबसे बड़ा आरोप जैन कल्पना रेस्टोरेंट पर लगाया गया है। पार्षद के अनुसार रेस्टोरेंट द्वारा अधिक मात्रा में स्थान पर कब्जा कर दुकान लगाई गई है, जिसके कारण सामान्य और छोटे व्यापारियों को दुकान लगाने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है।
इस मामले में सवाल यह भी उठ रहा है कि
क्या मेले में जगह आवंटन के नियम सबके लिए समान हैं..या फिर कुछ नामी-प्रभावशाली संस्थानों के लिए नियम अलग।
फायर सेफ्टी शून्य कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
बाणगंगा मेला मैदान जैसे भीड़-भाड़ वाले आयोजन में जहां हजारों लोग पहुंचते हैं, वहां फायर सेफ्टी और सेफ्टी प्रबंधन का होना अत्यंत आवश्यक है। लेकिन पत्र में दावा किया गया है कि
जैन के सभी झूलों में फायर एवं सेफ्टी से संबंधित कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है।
यानी मेले में आग, शॉर्ट-सर्किट, भगदड़ या अन्य दुर्घटना होने पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं।
ऐसे में यह एक बड़ी लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि मेले में बिजली के अस्थायी कनेक्शन
दुकानों में गैस-चूल्हे का उपयोग, झूलों में भारी मोटर, वायरिंग हजारों लोगों की आवाजाही
जैसी परिस्थितियां हर साल रहती हैं।
प्रशासन की “मौन स्वीकृति” पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और व्यापारियों के बीच चर्चा है कि यह सब कुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। सवाल यह है कि जब मेला मैदान सार्वजनिक है, तब किसी एक संस्था को अत्यधिक जगह किस आधार पर दे दी गई। मेले जैसे आयोजन में यदि नियमों की धज्जियाँ उड़ेंगी, तो इसका नुकसान सीधे उन छोटे व्यापारियों को होगा जो पूरे साल बचत करके मेले में दुकान लगाते हैं।

पार्षद ने की ये प्रमुख मांगें
पार्षद प्रकाश नारायण शुक्ला ने पत्र में प्रशासन से साफ तौर पर मांग की है कि जैन कल्पना रेस्टोरेंट द्वारा घेरा गया अतिरिक्त क्षेत्र कम कराया जाए।
छोटे व्यापारियों को उचित स्थान आवंटित किया जाए, मेले में झूलों और दुकानों के लिए फायर-सेफ्टी जांच कर कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा: नगर पालिका क्या कार्रवाई करती है अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर पालिका परिषद शहडोल इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेती है। क्योंकि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो मेले में व्यापारियों के बीच तनाव बढ़ सकता है. अव्यवस्था फैल सकती है. किसी भी बड़ी दुर्घटना की जिम्मेदारी प्रशासन पर तय होगी।
बाणगंगा मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि हजारों परिवारों की रोज़ी-रोटी से जुड़ा बाजार भी है। यदि यहां स्थान आवंटन में पक्षपात होगा और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होगी, तो यह केवल अव्यवस्था नहीं बल्कि भारी लापरवाही कहलाएगी।
The mukhbir टीम शहडोल
Author: The Mukhbir
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