April 17, 2026 4:37 pm

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IGNTU में असम के छात्र पर हमला, कुलसचिव का “सुपर स्ट्राइक”

-एक झटके में 5 आरोपी छात्र निष्कासित, मामला पुलिस के हवाले..
The mukhbir ब्यूरो अनूपपुर-अमरकंटक।
इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी (IGNTU) अमरकंटक में छात्रावास के भीतर हुई मारपीट की घटना ने पूरे विश्वविद्यालय प्रशासन को हिला दिया है। असम के छात्र हीरोस ज्योति दास (Hiros Jyoti Das) के साथ छात्रावास में बर्बर मारपीट करने वाले 5 आरोपी छात्रों पर विश्वविद्यालय ने सबसे कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा जारी कार्यालय आदेश दिनांक 14 जनवरी 2026 के मुताबिक ये निष्कासन केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में गुंडागर्दी और हिंसा के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा संकेत है।

CCTV रिकॉर्डिंग बनी ‘सबूतों की तलवार’

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्य छात्रावास अधीक्षक एवं छात्रावास अधीक्षक द्वारा भेजी गई रिपोर्ट तथा CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर की गई है। आदेश में स्पष्ट है कि छात्रावास परिसर में हुई मारपीट की घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया था।

5 आरोपी छात्र निष्कासित

कुलसचिव द्वारा जारी आदेश में छात्रावास में हिंसा में शामिल 5 छात्रों को चिन्हित करते हुए विश्वविद्यालय से निष्कासित किया गया है। जिन छात्रों को निष्कासित किया गया है उनमे बीजेएमसी 6 सेम का एक छात्र, बीवॉक 6 सेम के 2 छात्र, बायोटेक 6 सेम का एक छात्र और बी.फार्म 6 सेम का एक छात्र शामिल है. आरोपी छात्रों के खिलाफ जांच के लिए प्रकरण अनुशासन समिति को सौंपा गया है. साथ ही कानूनी कार्रवाई हेतु मामला स्थानीय पुलिस प्रशासन को अग्रेषित कर दिया गया है. यानि अब सिर्फ कॉलेज का दंड नहीं, बल्कि कानून की चोट भी तय मानी जा रही है।

सांसद की सख्ती के बाद बढ़ा प्रशासन का दबाव

मुखबिर सूत्रों के अनुसार इस मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब शहडोल सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने घटना को गंभीरता से लिया। सांसद के हस्तक्षेप और बढ़ती संवेदनशीलता के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ा और अंततः कठोर निर्णय सामने आया। अगर सांसद स्तर पर गंभीरता न होती, तो क्या इतना बड़ा एक्शन होता।

यूनिवर्सिटी का संदेश साफ: “हॉस्टल में गुंडागर्दी नहीं चलेगी”

IGNTU प्रशासन ने इस कार्रवाई से यह संदेश दे दिया है कि छात्रावास में हिंसा, धमकी, दबंगई, मारपीट जैसी गतिविधियों के लिए अब कोई जगह नहीं। कुलसचिव के आदेश को विश्वविद्यालय परिसर में अब तक की सबसे कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जा रहा है।

हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था पर कौन जिम्मेदार

इस घटना के बाद यह सवाल भी तेज़ हो गया है कि हॉस्टल में हमले जैसी घटना संभव कैसे हुई. सुरक्षा गार्ड-प्रबंधन कहाँ था, क्या हॉस्टल में पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं. क्या किसी “सिस्टम” ने दबाने की कोशिश की. अब जब मामला पुलिस तक पहुंच चुका है, तो आने वाले दिनों में कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
IGNTU में यह घटना केवल एक छात्र पर हमला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में अनुशासन और सुरक्षा की परीक्षा थी। कुलसचिव द्वारा 5 छात्रों के निष्कासन की कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून और अनुशासन से ऊपर कोई नहीं।
अब सबकी नजर पुलिस कार्रवाई और अनुशासन समिति की जांच रिपोर्ट पर टिकी है. क्योंकि सिर्फ निष्कासन नहीं, अब अपराधियों को सजा भी चाहिए।
The Mukhbir
Author: The Mukhbir

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