April 17, 2026 6:24 pm

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मुख्यालय का आदेश धरा रह गया कागज़ पर, बंगवार में ‘मनमानी राज’ कैटेगरी-1 मजदूर बने पर्सनल गार्ड

The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल/बंगवार। एस.ई.सी.एल. मुख्यालय बिलासपुर के स्पष्ट और सख्त निर्देशों के बावजूद बंगवार सब एरिया में नियमों को खुली चुनौती दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि सब एरिया प्रबंधन ने न केवल आदेश की अनदेखी की, बल्कि कैटेगरी-1 जनरल मजदूरों की पोस्टिंग में मनमानी कर पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या कहता है..आदेश

17 अप्रैल 2024 के आधिकारिक पत्र में साफ निर्देश दिए गए कि एसईसीएल की CoFD की 222वीं बैठक 12 अप्रैल 2024 के निर्णय अनुसार पूर्व कर्मचारियों के आश्रित एवं नए नियुक्त PAPs की प्रारंभिक पोस्टिंग अनिवार्य रूप से अंडरग्राउंड (UG) माइंस में की जाएगी। यह नियम उन क्षेत्रों पर लागू होगा जहां अंडरग्राउंड और ओपन कास्ट दोनों माइंस मौजूद हैं। यदि किसी को सतह (सरफेस) पर रखना जरूरी हो तो डायरेक्टर (टेक्निकल) और डायरेक्टर (पर्सनल) की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। सभी क्षेत्रों को भविष्य में सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। मतलब साफ है पहली पोस्टिंग अंडरग्राउंड में ही, वरना शीर्ष स्तर की अनुमति जरूरी।

बंगवार में उल्टी गंगा

जमीनी हकीकत आदेश से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक सूरज सोनी, कैटेगरी-1 जनरल मजदूर कुसमुंडा (कोरबा) से ट्रांसफर होकर बंगवार पहुंचे लेकिन अंडरग्राउंड माइंस में भेजने के बजाय उन्हें सीधे पर्सनल गार्ड बना दिया गया. ऐसे कई और नाम है. जिनका खुलासा आगामी लेख में किया जायेगा.
सबसे बड़ा सवाल क्या इसके लिए डायरेक्टर स्तर की अनुमति ली गई..?
अगर नहीं, तो किसके आदेश से यह तैनाती हुई.

सेटिंग’ का खेल भारी रकम लेने के आरोप…

मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं बताया जा रहा। अंदरूनी सूत्रों का दावा है. बंगवार क्षेत्र में कई कैटेगरी-1 मजदूर नियम विरुद्ध अंडरग्राउंड के बजाय बाहर काम कर रहे हैं. और इसके पीछे भारी लेन-देन की चर्चा जोरों पर है। यदि जांच में यह सही पाया गया, तो यह मामला साधारण लापरवाही नहीं बल्कि पोस्टिंग घोटाले का रूप ले सकता है।

मुख्यालय बनाम सब एरिया किसकी चलेगी

एक तरफ बिलासपुर मुख्यालय का लिखित, स्पष्ट और बाध्यकारी आदेश…दूसरी तरफ बंगवार में कथित तौर पर चल रही मनमानी। अब बड़ा सवाल उठ रहा है. क्या सब एरिया स्तर पर मुख्यालय के आदेशों को दरकिनार किया जा रहा है. यदि हां, तो यह एसईसीएल की प्रशासनिक साख पर सीधा प्रहार माना जाएगा।

जांच की मांग तेज

मजदूर हलकों में मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है। मांग उठ रही है कि बंगवार की सभी पोस्टिंग की उच्च स्तरीय जांच हो डायरेक्टर अनुमति की फाइलें सार्वजनिक हों दोषी अधिकारियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई हो. और कैटेगरी-1 मजदूरों को नियमानुसार अंडरग्राउंड में भेजा जाए.

बड़ा सवाल

आखिर किसके संरक्षण में चल रही है यह पोस्टिंग की ‘मनमानी’ और कब जागेगा मुख्यालय. यह मामला अगर खुलकर जांच में आया, तो बंगवार सब एरिया में बड़ा प्रशासनिक भूचाल आ सकता है।

The mukhbir टीम शहडोल 

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Author: The Mukhbir

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