
वन विभाग की दबंग कार्रवाई में धराया बिना नंबर का आयसर ट्रैक्टर, प्रशासन की खामोशी पर उठे सवाल
The mukhbir टीम शहडोल। सोन नदी की रेत पर बीती सोमवार–मंगलवार की दरमियानी रात अंधेरे में चल रहा खनन का साम्राज्य आखिरकार वन विभाग की शिकंजे में आ गया। बीट पटासी में दक्षिण वन मंडल की टीम ने बिना नंबर के ट्रैक्टर को उस समय रंगे हाथों पकड़ लिया, जब वह रात की सन्नाटे को चीरते हुए अवैध रेत लेकर निकल रहा था।
यह कार्रवाई वनमण्डलाधिकारी दक्षिण शहडोल श्रद्धा पन्द्रे (भा.व.से.) तथा राम नरेश विश्वकर्मा के निर्देशन में अंजाम दी गई। सूत्रों के मुताबिक, पकड़ा गया ट्रैक्टर धैना नायक, निवासी ग्राम पटासी का बताया जा रहा है।
The mukhbir की सूचना ने खोला राज
The mukhbir ने लगातार सोन नदी से हो रहे अवैध उत्खनन की जानकारी को प्रमुखता से उजागर की थी।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने चुप्पी ओढ़ रखी, मानो सब कुछ ठीक हो,
जबकि असलियत में नदी की रेत रातों-रात गायब होती रही।
जंगल की हिफाजत के साथ रेत माफियाओं पर नजर
इसके उलट वन विभाग न केवल जंगल की हिफाजत में जुटा है. बल्कि रेट माफी के खिलाफ सबसे आगे खड़ा दिखाई दे रहा है. इस कार्रवाई में शामिल रहें बीट गार्ड राहुल शर्मा, वनरक्षक राकेश द्विवेदी, वनरक्षक चंद्र कुमार पटेल, वनपाल अविनाश सिंह तथा वाहन चालक इजहार खान पूरी रात मुस्तैदी से मौके पर डटे रहे।
खतरा बड़ा, लेकिन हौसला उससे बड़ा
यह सिर्फ ट्रैक्टर की जब्ती नहीं, रेत माफिया को साफ चेतावनी है कि अब जंगल हो या नदी अवैध उत्खनन की सांसें गिन चुकी हैं। अब बारी अगली कार्रवाई की..पकड़े गए वाहन की जांच जारी है, और आगे की कार्यवाही नियमों के अनुसार की जा रही है।
नए नियम ने माफिया की नींद उड़ाई
वन विभाग ने हाल ही में सख्त प्रावधान लागू किए हैं.
अब अवैध उत्खनन या परिवहन में पकड़ी जाने वाली गाड़ी पर उसकी कीमत के बराबर जुर्माना लगाया जाएगा।
यानी सिर्फ ट्रैक्टर पकड़ने का जमाना गया
अब जेब खाली होने की बारी है। अधिकारियों का साफ संदेश “जंगल और नदी लूटने वालों को अब कोई राहत नहीं।”
लेकिन असली सवाल आज भी वहीं खड़ा है.
क्या प्रशासन अब जागेगा…?
क्या सोन नदी को लूटने वालों पर बड़ी कार्रवाई होगी…?
या फिर यह खामोशी किसी बड़े खेल की आहट है…?
The mukhbir के लिए जितेंद्र कुमार विश्वकर्मा की रिपोर्ट









