
–300 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की दी गई गहन जानकारी, हेलमेट, लाइसेंस और सेफ ड्राइविंग पर विशेष चर्चा
The mukhbir शहडोल। आईटीआई शहडोल में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 300 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग और हाईवे व्यवहार की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और उन्हें जिम्मेदार एवं सुरक्षित चालक बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में यातायात सूबेदार प्रियंका शर्मा ने बताया गया कि आईटीआई के करीब 70% विद्यार्थी स्वयं के वाहन स्कूटी व मोटरसाइकिल से कॉलेज आते हैं, इसलिए उनके लिए यातायात जागरूकता सबसे अधिक आवश्यक है। छात्रों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि
“वाहन चलाने से पहले लाइसेंस अनिवार्य है, और दोपहिया वाहन चलाते समय चालक व पिछली सवारी दोनों को हेलमेट पहनना ही होगा।”
हाईवे ड्राइविंग के नियमों पर विशेष प्रशिक्षण
आईटीआई स्टेट हाईवे पर स्थित होने के कारण छात्रों को स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर वाहन चलाने के दौरान पालन किए जाने वाले नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई। हाई स्पीड जोन में ओवर स्पीडिंग बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे ब्रेकिंग डिस्टेंस कम हो जाती है और दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
दोपहिया वाहन पर स्टंट न करने की कड़ी हिदायत दी गई, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। हाईवे की एज लाइन, ओवरटेकिंग नियम और लेन अनुशासन को समझाया गया। छात्रों को बताया गया कि हाईवे पर ब्लाइंड स्पॉट क्या होता है और इससे होने वाली दुर्घटनाओं से कैसे बचा जाए। टेलगेटिंग (बहुत नजदीक वाहन चलाना) से बचने की सावधानियां दी गईं। सर्विस रोड से मुख्य सड़क या हाईवे में प्रवेश करते समय सही साइड, इंडिकेटर और गैप की अनिवार्यता के बारे में विस्तृत चर्चा की गई।
दुर्घटना के बाद मिलने वाली योजनाओं की भी जानकारी
छात्रों को सड़क दुर्घटना से संबंधित महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया गया। राहत वीर योजना, हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना, कैशलेस ट्रीटमेंट योजना, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की उपयोगिता और सुरक्षा मानक, रोड साइन, पैदल यात्री नियम और वीडियो प्रशिक्षण सत्र में अनिवार्य, चेतावनी एवं सूचना संबंधी रोड साइन, पैदल चलने के नियम और वीडियो के माध्यम से सड़क सुरक्षा से जुड़े वास्तविक उदाहरण दिखाए गए।
अंत में छात्रों से यातायात नियमों पर प्रश्नोत्तरी ली गई, जिसमें सही जवाब देने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कार्यक्रम ने छात्रों के बीच सड़क सुरक्षा के महत्व को मजबूती से स्थापित किया। संदेश स्पष्ट था “सुरक्षा पहले, वाहन बाद में… नियमों का पालन ही सुरक्षित जीवन की गारंटी है।”
The mukhbir से सुनीता सिंह कि रिपोर्ट









