April 17, 2026 6:09 pm

सच सीधा आप तक

हायर सेकेंडरी स्कूल सिंहपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान

नाबालिग वाहन चालकों पर लगेगी लगाम, बच्चों में बढ़ी जागरूकता

The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। हायर सेकेंडरी स्कूल सिंहपुर में सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम का प्रभावी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को ट्रैफिक नियमों की विस्तृत जानकारी देकर सुरक्षित यात्रा के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नाबालिग वाहन संचालन पर रोक लगाना, बच्चों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सद सड़क व्यवहार विकसित करना, सफलता के साथ पूरा होता दिखा।

कार्यक्रम के दौरान खुलासा हुआ कि विद्यालय के लगभग 30% विद्यार्थी स्कूटी या मोटरसाइकिल से स्कूल आते हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से समझाया कि 18 वर्ष से कम आयु में वाहन चलाना पूर्णतः अवैध है, और इसके लिए वैध लाइसेंस आवश्यक है। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे तब तक विद्यालय आने के लिए साइकिल या स्पीड-लिमिट वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी का ही उपयोग करें।

विद्यालय प्रिंसिपल से आग्रह किया गया कि जिन बच्चों के अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने देते हैं, उन्हें मीटिंग में बुलाया जाए और कानून तथा सुरक्षा दोनों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

वीडियो, डेमो और सवाल-जवाब से सीख बनी प्रभावी

छात्र-छात्राओं को विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई. रोड साइन और पैदल चलने के नियम, हेलमेट और सीट बेल्ट का महत्व, ओवर स्पीडिंग एवं स्टंट की जानलेवा गंभीरता, बड़े वाहनों के ब्लाइंड स्पॉट और उनसे बचने के तरीके, सर्विस रोड से मेन रोड पर सुरक्षित प्रवेश, टेल गेटिंग और डोरिंग एक्सीडेंट से बचाव के नियम, एचएसआरपी नंबर प्लेट का महत्व यातायात संबंधी वीडियो दिखाकर वास्तविक परिस्थितियों को समझाया गया, जिससे बच्चों को गहराई से समझ मिली।

साथ ही, सड़क दुर्घटना में घायल या मृतक के लिए राहवीर योजना, कैशलेस उपचार योजना, तथा हिट-एंड-रन पीड़ित प्रतिकर योजना की जानकारी भी दी गई, ताकि भविष्य में कोई मुश्किल परिस्थिति आने पर सही मदद प्राप्त की जा सके।

नाबालिग वाहन चालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

विद्यार्थियों को विशेष रूप से बताया गया कि यदि कोई नाबालिग बच्चा वाहन चलाते पकड़ा जाता है, तो उसके अभिभावक पर ₹25,000 का जुर्माना, वाहन का चालान और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। मामले को माननीय न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में ट्रैफिक नियमों पर प्रश्न पूछे गए और सही उत्तर देने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कार वितरित किए गए।

इनकी रही उपस्थित 

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में यातायात प्रभारी संजय जायसवाल, सूबेदार प्रियंका शर्मा एवं आरक्षक विवेकानंद तिवारी की सहभागिता रही। कार्यक्रम का सार एक ही संदेश में सिमटा…

यातायात नियमों का पालन कोई मजबूरी नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”

The mukhbir से चंदन वर्मा की रिपोर्ट 

The Mukhbir
Author: The Mukhbir

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