
ब्लैक स्पॉट्स पर बढ़ती लापरवाही के बीच शिक्षक की दर्दनाक मौत……
The mukhbir शहडोल। जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर डॉ. केदार सिंह द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक के बाद ही शहडोल में एक और बड़ा हादसा हुआ है।
गोहपारू ब्लॉक के झांपी टोला में बुधवार सुबह सड़क दुर्घटना में प्राथमिक शिक्षक तुलसीदास सिंह की मौत हो गई। शिक्षक ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी शहडोल-रीवा राज्य मार्ग पर सिलेंडर से भरे वाहन की टक्कर से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
20 से अधिक ब्लैक स्पॉट चिन्हित, सुधार कार्य तेज़ करने के निर्देश
कलेक्टर ने बैठक में बताया कि जिले में 20 से अधिक ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिन्हित स्थलों पर सड़क सुधार कार्य, चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर, स्पीड कंट्रोल उपाय तत्काल प्रभाव से शुरू किए जाएँ।
दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन सबसे अधिक जिम्मेदार: कलेक्टर
समीक्षा में सामने आया कि शहडोल, देवलौंद, ब्यौहारी, जयसिंहनगर, गोहपारू, बुढ़ार और जैतपुर क्षेत्र में दुर्घटनाएँ सर्वाधिक हैं।
इनमें से अधिकांश हादसे दोपहिया वाहनों से जुड़े हैं, जिनमें हेलमेट न पहनना मुख्य कारण बताया गया।
कलेक्टर के प्रमुख आदेश
जिले भर में हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया जाए, नियम तोड़ने वालों पर सख़्त दंडात्मक कार्रवाई, बिना हेलमेट पेट्रोल बिक्री पर रोक की तैयारी, पेट्रोल पंपों के पास हेलमेट बिक्री की व्यवस्था कि जाय।

हादसे के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना के बाद भाग रहा सिलेंडर लोड वाहन जयसिंहनगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पकड़ लिया। वाहन को थाना परिसर में खड़ा कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा बैठकें कितनी प्रभावी
बैठक के 24 घंटे भी नहीं बीते और ब्लैक स्पॉट पर शिक्षक की मौत ने जिला प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं।
लोगों में रोष है कि जब प्रशासन खुद दुर्घटनाओं को लेकर चिंतित है, तब भी ब्लैक स्पॉट्स पर हालात जस के तस क्यों बने हुए हैं.
The mukhbir से जितेंद्र कुमार विश्वकर्मा
Author: The Mukhbir
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