The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद महाकौशल प्रांत के 58वें प्रांत अधिवेशन में संगठनात्मक सुदृढ़ता और छात्रहित के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करते हुए महाकौशल प्रांत की नवीन दायित्व घोषणाएँ की गईं। यह अधिवेशन न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि भावी छात्र नेतृत्व को दिशा देने वाला सिद्ध हुआ।
घोषणाओं के क्रम में शहडोल विभाग संगठन मंत्री के रूप में सावन सिंह (केंद्र शहडोल) को दायित्व सौंपा गया। वहीं शहडोल विभाग संयोजक का दायित्व अखिलेश सिंह (बुढार) को प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त शहडोल विभाग प्रमुख के रूप में डॉ. संदीप खरे जी (अमरकंटक) को तथा मध्य क्षेत्र जनजाति कार्य प्रमुख के रूप में रामाधार सिंह बैस जी (केंद्र शहडोल) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे जनजातीय क्षेत्रों में छात्र संगठन और विचारधारा को और सशक्त आधार मिलेगा।
जिला स्तर पर भी नई टीम का गठन
शहडोल जिले में संगठन को नई ऊर्जा देते हुए डॉ. बद्रीनारायण उपाध्याय (बुढार) को शहडोल जिला प्रमुख नियुक्त किया गया, जबकि अमन त्रिपाठी (शहडोल) को जिला संयोजक का दायित्व सौंपा गया। इसी क्रम में प्रांत कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शहडोल जिले से जिन कार्यकर्ताओं को दायित्व मिला, उनमें डॉ. लोकेश साहू (शहडोल), कृष्णम चतुर्वेदी (शहडोल), अजय सिंह बैंस (शहडोल), सुश्री निधी पांडेय (शंभूनाथ विश्वविद्यालय), सुश्री नीलम कुशवाहा (ब्यौहारी) तथा ऋतुराज द्विवेदी (बुढार) शामिल हैं।
छात्र हित और राष्ट्र निर्माण का संकल्प
इन सभी दायित्ववान कार्यकर्ताओं से अपेक्षा है कि वे एबीवीपी के मूल मंत्र “ज्ञान, शील और एकता” को आत्मसात करते हुए छात्रहित, शैक्षणिक गुणवत्ता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को नई गति देंगे।

महाविद्यालय की अध्यक्ष ने दी बधाई
इस अवसर पर शासकीय इंदिरा गांधी महाविद्यालय की एबीवीपी अध्यक्ष सुश्री मानवी सिंह ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित करते हुए विश्वास जताया कि यह टीम आने वाले समय में संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाएगी।
निस्संदेह, महाकौशल प्रांत का यह 58वां अधिवेशन दृढ़ संकल्प, नव ऊर्जा और सक्षम नेतृत्व का प्रतीक बनकर छात्र आंदोलन के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है।
Author: The Mukhbir
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