
एक मुद्दा, दो कार्यक्रम, अलग-अलग नेतृत्व, शहडोल में सियासी असमंजस
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। इसी कड़ी में शहडोल में युवा कांग्रेस द्वारा स्थानीय शासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ पुतला दहन किया गया।
लेकिन इस विरोध ने भाजपा से ज़्यादा कांग्रेस के अंदरूनी विरोधाभास को उजागर कर दिया। एक ही मुद्दे पर, एक ही स्थान गांधी चौक, लेकिन दो अलग-अलग कार्यक्रम, दो अलग-अलग नेतृत्व और दो अलग संदेश यही अब शहडोल की राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।
दूषित पानी, मौतें और मंत्री का बयान, आक्रोश की असली वजह
युवा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इंदौर के भागीरथपुरा में नगर निगम की लापरवाही से ड्रेनेज युक्त दूषित पानी सप्लाई किया गया, जिससे महिलाएं, पुरुष और मासूम बच्चे बीमार पड़े।
आरोप है कि 14 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और कई लोग अब भी अस्पतालों में ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
इस संवेदनशील मामले में जब मंत्री से सवाल पूछे गए, तो उन पर मीडिया के साथ अमर्यादित और असंवेदनशील भाषा के प्रयोग का आरोप लगा—यही बात कांग्रेस और युवा कांग्रेस के विरोध की चिंगारी बनी।
पहला पुतला दहन
जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के मार्गदर्शन में युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष आशीष तिवारी के नेतृत्व में गांधी चौक पर गगनभेदी नारों के बीच, पानी की बौछारों में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन किया गया।
उपाध्यक्ष ने कहा, “यह हादसा केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि संवेदनहीन शासन का परिणाम है। युवा कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।”
अजय अवस्थी ने दो टूक शब्दों में कहा
“ऐसी भाषा बोलने वाले मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए, दोषियों पर एफआईआर हो और मंत्री विजयवर्गीय से इस्तीफा लिया जाए।”

और इधर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किया पुतला दहन
‘हल्ला बोल’ अलग, नेतृत्व अलग
इसी मुद्दे पर युवा कांग्रेस शहडोल जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम के निर्देशन में, जयसिंहनगर विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष शेख साजिल के नेतृत्व में अलग से पुतला दहन किया गया।
इस कार्यक्रम में महापौर, पार्षद और मंत्री तीनों को बर्खास्त करने की मांग उठी।
प्रदेश सचिव, जिला महासचिवों और बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
सवाल जो शहडोल पूछ रहा है
अब सियासी गलियारों में सवाल गूंज रहे हैं.
जब मुद्दा एक है, तो कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यक्रम अलग-अलग क्यों..?
क्या यह विरोध सरकार के खिलाफ है या आपसी नेतृत्व प्रदर्शन की होड़..?
जनता के दर्द से बड़ा हो गया है क्या संगठन का आंतरिक टकराव..?
भाजपा से पहले कांग्रेस को आत्ममंथन की ज़रूरत
दूषित पानी से मौतें एक गंभीर मानवीय त्रासदी हैं और उस पर मंत्री का कथित बयान निंदनीय।
लेकिन शहडोल में जो तस्वीर उभरी, उसने यह भी साफ कर दिया कि कांग्रेस के भीतर समन्वय की भारी कमी है। अगर विरोध बंटा रहेगा, तो संदेश भी कमजोर होगा। लोग सवाल पूछ रही है. लड़ाई सरकार से है या आपस में शहडोल की सियासत में यह पुतला दहन सिर्फ मंत्री के खिलाफ नहीं,
बल्कि कांग्रेस के भीतर छिपे विरोधाभासों का भी दहन बन गया है।
Author: The Mukhbir
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