
7-8 माह की मादा बाघ शावक मृत, जंगल में संघर्ष की आशंका
The mukhbir राहुल सिंह राणा, उमरिया-बांधवगढ़। विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) से एक सनसनीखेज और चिंताजनक खबर सामने आई है। बुधवार सुबह परिक्षेत्र ताला के बीट कथली (RF-331) में गश्ती के दौरान 7-8 माह की मादा बाघ शावक का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया।
गश्ती के दौरान खुलासा
प्रातः नियमित पेट्रोलिंग के दौरान गश्ती दल को जंगल में शावक का शव दिखा। सूचना मिलते ही विभागीय अमला मौके पर पहुँचा और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
संभावित कारण: जंगल में खूनी संघर्ष
प्रारंभिक जांच में किसी अन्य वन्य प्राणी से संघर्ष को मौत का संभावित कारण बताया गया है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
हर एंगल से जांच, डॉग स्क्वॉड तैनात
घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार SOP का पालन करते हुए, घटनास्थल का पंचनामा स्थल संरक्षण (Site Protection)
डॉग स्क्वॉड से सघन जांच की गई, जिसमें कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नहीं पाई गई।
क्या बाघ शावकों की सुरक्षा में कहीं चूक, क्या क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी शिकारियों की गतिविधि बढ़ी, क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए निगरानी और कड़ी होगी।
बाघ संरक्षण पर खतरे की घंटी
बांधवगढ़ जैसे प्रतिष्ठित टाइगर रिजर्व में शावक की मौत वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विभागीय जांच जारी है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी।
the mukhbir टीम उमरिया
Author: The Mukhbir
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