-वेतन-अरियर भुगतान में देरी, कर्मचारियों में उबाल… आंदोलन की चेतावनी
-नगरपालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप— “निर्णय के बाद भी भुगतान नहीं… कर्मचारियों के साथ छल”
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। नगर पालिका परिषद शहडोल में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर अब माहौल पूरी तरह विस्फोटक हो चुका है। भारतीय सफाई मजदूर संघ (म.प्र.) ने नगर पालिका प्रशासन को तीन दिन का अंतिम अल्टीमेटम देते हुए साफ शब्दों में चेताया है कि यदि तय समय सीमा में वेतन व एरियर सहित लंबित मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो कर्मचारी संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा. जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कलेक्टर शहडोल को शॉप पर गए ज्ञापन में बताया गया कि संघ के पत्र के अनुसार बार-बार ज्ञापन, अनुरोध और बैठकों के बावजूद नगर पालिका द्वारा न तो उचित निर्णय लिया गया, न ही अमल किया जा रहा, जिससे सफाई कर्मचारियों में आक्रोश चरम पर है। “निर्णय हुआ… फिर भी भुगतान नहीं!” संगठन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि दिनांक 30.12.2025 को भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश संयुक्त मंत्री एवं संघ प्रतिनिधि मंडल और कर्मचारियों के साथ बैठक के दौरान निर्णय लिया गया था कि दिसंबर माह का वेतन भुगतान तत्काल किया जाएगा. कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन (बढ़ोत्तरी दर) के 11 माह का एरियर/अंतर भुगतान किया जाएगा. मास्टर एवं दैनिक वेतन आउटसोर्स कर्मचारियों का भुगतान कलेक्टर दर के माध्यम से किया जाएगा.
लेकिन हैरानी की बात यह है कि निर्णय होने के बावजूद आधा जनवरी माह बीत जाने के भी भुगतान नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।
“मकर संक्रांति का त्यौहार आने को… लेकिन कर्मचारियों को नहीं मिला हक!”
सफाई मजदूर संघ ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि मकर संक्रांति का पर्व आने को है, मगर कर्मचारियों को उनका बकाया नहीं मिला।
संगठन का कहना है कि कर्मचारियों के घरों में आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है. बच्चों की फीस, राशन-दवाई, पारिवारिक जिम्मेदारियां और रोज़मर्रा का खर्च इन हालात में वेतन और एरियर रोकना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
58 पद रिक्त, 29 सफाई कर्मचारियों के पद खाली, नियुक्ति को लेकर भी मांग
संगठन ने नगर पालिका में 58 रिक्त पदों का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया है। इनमें से 29 पद सफाई कर्मचारियों के रिक्त बताए गए हैं।
संघ ने मांग की है कि इन 29 पदों पर विनियमित सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति हो. चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमित नियुक्ति की जाए और शेष कर्मचारियों को संविदा व्यवस्था में समायोजित किया जाए। संगठन का आरोप है कि रिक्त पदों के कारण कर्मचारियों पर बोझ बढ़ रहा है, जिससे काम का दबाव बढ़कर स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है।
3 दिन का अल्टीमेटम: “नहीं माने तो सड़क पर उतरेंगे”
भारतीय सफाई मजदूर संघ ने दो टूक कहा है कि यदि 3 दिनों के भीतर बकाया भुगतान एवं समस्याओं का समाधान नहीं किया गया.
तो कर्मचारियों व संगठन द्वारा उचित निर्णय लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
और इस आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बैठक में निर्णय लिया गया था, तो फिर वेतन का भुगतान क्यों नहीं, 11 माह के एरियर की राशि अब तक क्यों नहीं, कलेक्टर दर भुगतान का आदेश ठंडे बस्ते में क्यों, कर्मचारियों की सुनवाई आखिर कौन करेगा.
संघ का आरोप है कि प्रशासन कर्मचारियों को केवल आश्वासन देकर टालने का काम कर रहा है।
अब आंदोलन तय…
“सफाई कर्मचारी शहर की रीढ़ हैं। शहर की स्वच्छता इन्हीं के कंधों पर है, लेकिन उन्हीं कर्मचारियों को समय पर वेतन न देना प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करता है।
अब संघ का यह 3 दिन का अल्टीमेटम नगर पालिका परिषद शहडोल के लिए बड़ा अलार्म है। यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो शहर में धरना-प्रदर्शन, घेराव और काम बंद जैसे हालात बन सकते हैं।”
The mukhbir टीम शहडोल….
Author: The Mukhbir
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