“कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम कठौतिया में कच्चे मकान में लगी आग, 18 वर्षीय अमित पटेल की दर्दनाक मौत”
“विधवा माँ के साथ रहता था युवक, भूसे से भरे घर में आग ने पल भर में छीन ली सांसें, फायर टीम व पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मिट्टी का मकान और लकड़ी की अटारी बनी बड़ी बाधा… “
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कठौतिया में बीती रात एक हृदय विदारक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रात लगभग 2 बजे एक कच्चे मकान में अचानक आग लग गई। घर के अंदर सो रहे 18 वर्षीय अमित पटेल की आग की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि अमित अपने घर में विधवा मां गीता पटेल के साथ रहता था। मकान के अंदर भूसा भरा हुआ था, जिससे आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और पूरा घर धधकता आग का गोला बन गया।
सोते समय मौत की दस्तक… बचने का मौका तक नहीं मिला
स्थानीय सूत्रों के अनुसार रात के सन्नाटे में जब पूरा गांव सो रहा था, तभी अमित के कच्चे मकान से अचानक धुआं और लपटें उठने लगीं। मकान मिट्टी का था और अंदर लकड़ी की अटारी भी बनी हुई थी, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई।
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि युवक को बाहर निकलने का समय और रास्ता तक नहीं मिल सका। कुछ ही देर में उसकी पूरी जिंदगी लपटों में समा गई।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस फायर टीम के साथ पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। उनके साथ एस.आई. रामराज पांडेय, एस.आई. राकेश सिंह बागरी, आरक्षक निर्मल मिश्रा और लक्ष्मी पटेल फायर टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। भारी मशक्कत के बावजूद नहीं बच पाया अमित, प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घर कच्चा होने, अंदर भूसा होने और लकड़ी की अटारी के कारण आग बुझाने में टीम को भारी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मियों और पुलिस ने भरसक प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यवश जब तक आग पर नियंत्रण पाया गया, तब तक अमित की मौत हो चुकी थी।
यह हादसा सिर्फ एक आग नहीं थी… यह उस मजबूरी का चेहरा था, जो कच्चे घरों में रहने वालों की जिंदगी को हर रात खतरे में डाल देती है।
पहले ही उजड़ चुका था परिवार, अब अंतिम सहारा भी छिन गया. इस घटना ने माँ गीता को पूरी तरह तोड़ दिया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अमित के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है.
उसका बड़ा भाई घर छोड़कर जा चुका है.
और अब अमित की मौत के बाद उसकी विधवा मां गीता पटेल पूरी तरह अकेली रह गई है.
गांव में मातम पसरा है, लोगों की आंखें नम हैं और हर कोई यही कह रहा है.
“इतना छोटा लड़का… इतनी दर्दनाक मौत…”
आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं, जांच की तैयारी
फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। संभावना जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट/दीपक/चूल्हे की चिंगारी से आग भड़की हो, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
यह सिर्फ हादसा नहीं… सिस्टम पर सवाल है
ग्राम क्षेत्रों में कच्चे मकानों, भूसे, लकड़ी, अटारी और बिजली की अव्यवस्थित वायरिंग के बीच रहने वाले परिवार हर दिन हादसे के मुहाने पर खड़े हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है.
क्या गांवों में आग से बचाव के संसाधन पर्याप्त हैं.
क्या गरीब परिवारों को सुरक्षित आवास और जागरूकता मिल रही है.
और क्या ऐसी घटनाओं के बाद पीड़ित परिवार को तुरंत सहायता मिलती है।
The mukhbir टीम शहडोल
Author: The Mukhbir
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