
एक ऐसा जवान, जिसने वर्दी का मान रखते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए…
The mukhbir शहडोल। सोमवार का सूरज जब सथनी गाँव (रीवा) की मिट्टी पर उगा, तब उसके साक्षी में एक ऐसा दृश्य था जिसे देखकर हर आँख नम हो गई। तेज रफ्तार बस की लापरवाही का शिकार हुए शहीद आरक्षक महेश पाठक का अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। गाँव की हवा, शहादत की गरिमा और परिवार के दर्द से एक साथ भारी थी। जैसे पूरा गाँव कह रहा हो “हमने सिर्फ एक बेटा नहीं, बल्कि एक रक्षक खो दिया है”
शहडोल से लेकर रीवा तक पुलिस विभाग का हर अधिकारी और जवान महेश पाठक की अंतिम यात्रा में श्रद्धा और भावनाओं के साथ शामिल हुआ।
रीवा पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में शहडोल के डीएसपी राघवेंद्र द्विवेदी, कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र तिवारी एवं कोतवाली का अधिकांश स्टाफ मौजूद रहा। कंधों पर तिरंगा लिपटी अमर देह थी… और आँखों में अपने साथी को खोने का दर्द।
जब ससम्मान गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, वो पल हर किसी के दिल को चीर कर गया,
तिरंगे में लिपटे महेश पाठक मौन थे…
लेकिन उनका साहस, उनकी वर्दी के प्रति निष्ठा, उनका कर्तव्य हर गोली की आवाज के साथ गूँज रहा था।
ग्रामीणों, परिजनों और साथियों की भीड़ में एक ही बात दोहराई जा रही थी
“महेश कर्तव्य की राह में अमर हो गए।”
वे एक सामान्य परिवार के बेटे थे, लेकिन उनका जीवन असाधारण था। ड्यूटी उनके लिए सिर्फ काम नहीं था… एक जिम्मेदारी, एक ईमान, एक प्रण था। हादसे ने भले उनकी सांसें छीनी हों, पर उनकी शहादत ने उन्हें अमर कर दिया।
वर्दी पहनने वाले जवान अक्सर कहते हैं.
“हम घर लौटते नहीं, देश की रक्षा करते लौटते हैं।”
महेश आज लौटे जरूर, लेकिन शहीद बनकर। सिर पर तिरंगा लिए हुए, सम्मान की उस ऊँचाई के साथ जहाँ हर जवान पहुंचना चाहता है, पर पहुँचने का सौभाग्य कुछ ही को मिलता है।
उनकी अंतिम यात्रा में उठे नारे
“महेश पाठक अमर रहें!”
सिर्फ नारे नहीं थे… वो एक वादा था कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। आज सथनी गाँव ने एक हीरो को विदा किया है,
पुलिस विभाग ने एक बहादुर साथी खोया है,
और समाज ने एक कर्तव्यनिष्ठ प्रहरी। लेकिन शहीद कभी मरे नहीं करते, उनकी कहानी, उनका साहस, उनकी शहादत…
हमेशा जिंदा रहती है।
The mukhbir टीम ने शहीद महेश पाठक को शत-शत नमन करते हुए, पुणे श्रद्धांजलि अर्पित की…
जितेंद्र कुमार विश्वकर्मा की रिपोर्ट
Author: The Mukhbir
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