The mukhbir शहडोल। जिले के ग्राम विचारपुर-पचगांव रोड पर घर पर ही 2 शटर लगाकर चल रहा एक तथाकथित 2 बेड का फर्जी अस्पताल अब जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने इस फर्जीवाड़े की परतें उधेड़कर रख दी हैं।
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक युवती बीमार महिला को इंजेक्शन लगा रही है। सवाल यह है कि इंजेक्शन लगाने वाली युवती प्रशिक्षित नर्स/ट्रेनी है या नही, इसकी कोई पुष्टि नहीं। यह जानकारी केवल वही बता सकते हैं जो इस फर्जी अस्पताल का अवैध रूप से संचालन कर रहे हैं। इसी वीडियो में एक अन्य बीमार महिला इलाज के लिए दूसरे बेड पर लेटी हुई है।

न डिग्री, न अधिकार, फिर भी इलाज
मुखबिरों सूत्रों के अनुसार, इस फर्जी अस्पताल को चलाने वाला तथाकथित तुलसी राम साहू (अल्टरनेट BHMS) “गुरुजी” न तो डॉक्टर है, न उसके पास कोई मेडिकल डिग्री और न ही उसे चिकित्सकीय परामर्श देने का कोई कानूनी अधिकार है। सूत्रों कि माने तो तुलसी राम ट्रैन में चाय बेचते थे और फिर इन्होंने बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी का कोर्स किया और बिना रजिस्ट्रेशन के ग्रामीणों का इलाज बेखौफ होकर कर रहें है, मानो कानून और प्रशासन का इन्हे कोई डर ही न हो। तुलसी राम कि पत्नी प्रतिभा साहू मेडिकल कॉलेज शहडोल में बतौर नर्स के रूप में पदस्थ हैं।

गरीबों की मजबूरी, फर्जी डॉक्टर की भरती तिजोरी
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का फायदा उठाकर ऐसे फर्जी डॉक्टर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। इंजेक्शन, सलाइन, दवाइयां सब कुछ बिना जांच, बिना पंजीकरण और बिना जवाबदेही के साथ इलाज। एक छोटी सी लापरवाही किसी की जान ले सकती है, और आए दिन ऐसे मामले सुनने को मिलते है. की झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के दौरान हुई मौत। लेकिन यहां मौत का जोखिम रोज़ का कारोबार बन चुका है।
संरक्षण का शक: क्या किसी रसूखदार का हाथ
सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि इतनी बार शिकायत, छापेमारी और समझाइस के बावजूद यह फर्जी अस्पताल आखिर चल कैसे रहा है..?
क्या इसके पीछे किसी रसूखदार का संरक्षण है.
अगर नहीं, तो अब तक इसे सील क्यों नहीं किया गया.
प्रशासन का बयान, लेकिन कार्रवाई कब
इस मामले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर सिंहपुर डॉ सुनील स्थापक ने स्वीकार किया है कि फर्जी अस्पताल पर कई बार छापा मारा गया, और कई समझाइश भी दी गई, जिसके बाद संचालक द्वारा लिखित तौर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शहडोल कार्यालय में दिया गया है. कि उनके द्वारा मरीजों का इलाज नहीं किया जाएगा. लेकिन अब वीडियो सामने आने के बाद ठोस कार्रवाई की बात कही जा रही है।
The mukhbir का सवाल….समझाइश से कितनी जिंदगियां सुरक्षित होंगी, और कार्रवाई आखिर कब होगी.
अब नहीं सहेंगे, जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बंद हो
यह मामला सिर्फ एक फर्जी अस्पताल का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। अगर अब भी सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। जरूरत है कि फर्जी डॉक्टर और अस्पताल को तत्काल सील किया जाए, दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज हो और ग्रामीणों को सुरक्षित व वैध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
क्योंकि….इलाज के नाम पर धोखा, सीधे-सीधे हत्या की साजिश है।
(नोट- वायरल वीडिओ the mukhbir.com के फेसबुक, x और यूट्यूब हेंडल पर उपलब्ध)
The mukhbir से जितेंद्र कुमार विश्वकर्मा कि रिपोर्ट
Author: The Mukhbir
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