April 17, 2026 7:20 pm

सच सीधा आप तक

जयसिंहनगर के मोहनी पंचायत में…25 लाख का तालाब घोटाला

पुराना तालाब “नया” दिखाकर शासन की रकम पर डाका-पंचायत, एजेंसी और जनप्रतिनिधि कटघरे में…

The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। सरकारी योजनाओं के नाम पर ग्रामीण विकास नहीं, बल्कि खुली लूट, यह तस्वीर सामने आई है. ग्राम पंचायत मोहनी, जनपद पंचायत जयसिंहनगर से, जहाँ प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) के तहत स्वीकृत ₹25,00,000 (पचीस लाख) रुपये के कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।
दस्तावेज़ बताते हैं कि वर्ष 2025 में “नवीन तालाब निर्माण” के नाम पर राशि स्वीकृत की गई, जबकि यही तालाब वर्ष 2009-10 में पहले ही बन चुका था, वह भी रोज़गार गारंटी योजना के अंतर्गत। इस पुराने तालाब का वर्क कोड 1714002063/WC/68706 भी रिकॉर्ड में दर्ज है।

पुराना तालाब, नई फाइल, नई लूट

आरोप है कि वर्तमान कार्य एजेंसी द्वारा केवल थोड़ी मिट्टी डलवाकर पुराने तालाब को “नवीन निर्माण” बताकर कागज़ों में नया बना दिया गया।
यानी ज़मीन पर कुछ नहीं, फाइलों में सब कुछ,
₹7,50,000 (सात लाख पचास हजार) की सीधी बंदरबांट का आरोप दस्तावेज़ों के अनुसार, उपयंत्री और एजेंसी की मिलीभगत से लगभग ₹7,50,000 की राशि निकालकर शासन की रकम का दुरुपयोग किया गया। यह कृत्य केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है।

वीडियो सबूत मौजूद…

संभाग आयुक्त शहडोल से की गई शिकायत में शिकायतकर्ता का दावा है कि उसके पास वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद हैं. मामले की गंभीरता यहीं खत्म नहीं होती। बताया गया है कि वर्तमान सरपंच द्वारा स्वयं स्वीकार किया गया है कि यह तालाब पहले ही बन चुका था और इसके वीडियो क्लिप भी मौजूद हैं।

सबसे बड़ा सवाल…

जब तालाब पहले से मौजूद था, तो “नवीन निर्माण” कैसे स्वीकृत हुआ, तकनीकी स्वीकृति किस आधार पर दी गई. भुगतान से पहले भौतिक सत्यापन क्यों नहीं हुआ. आखिर किसके संरक्षण में यह खेल खेला गया. यह लापरवाही नहीं, सुनियोजित भ्रष्टाचार है यह मामला साफ संकेत देता है कि पंचायत स्तर से लेकर तकनीकी अमले तक, एक सुनियोजित भ्रष्ट तंत्र सक्रिय है, जो सरकारी योजनाओं को एटीएम मशीन समझ बैठा है।
कार्रवाई नहीं हुई तो यह मिसाल बनेगा यदि इस प्रकरण में तत्काल भौतिक सत्यापन, एफआईआर, और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, तो यह घोटाला आने वाले समय में अन्य पंचायतों के लिए “मॉडल लूट” बन जाएगा।

अब निगाहें प्रशासन पर हैं.

क्या दोषियों पर गिरेगी गाज, या फाइलों में ही दफन हो जाएगा ₹25,00,000 लाख का सच….!
The mukhbir से जितेंद्र कुमार विश्वकर्मा की रिपोर्ट
The Mukhbir
Author: The Mukhbir

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