बाबा महाकाल का भौकाल पार्ट-3

“महाकाल मिनरल्स पर सीमा लांघकर अवैध उत्खनन का आरोप, ट्रकों की लगी लंबी कतार”
The mukhbir राहुल सिंह राणा शहडोल। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ जनाक्रोश अब विस्फोटक मोड़ पर पहुंच चुका है। प्रशासनिक चुप्पी और रेत कारोबारीयों के बढ़ते हौसलों के बीच ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया और वे सड़कों पर उतर आए। ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी कलां के ग्रामीणों ने उमरिया जिले की ठेका कंपनी महाकाल मिनरल्स के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रेत से लदे ओवरलोड ट्रकों को रोककर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इस उग्र विरोध के बाद मौके पर ट्रकों की लंबी कतार लग गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

सीमा पार कर शहडोल में ‘रेत राज’
ग्रामीणों का सीधा और गंभीर आरोप है कि उमरिया जिले की ठेका कंपनी महाकाल मिनरल्स ने अपनी सीमा से बाहर निकलकर शहडोल जिले के अमिलिया टेढ़ी घाट में अवैध रूप से रेत उत्खनन शुरू कर रखा है।
बताया जा रहा है कि यहां भारी मशीनों के जरिए उत्खनन किया जा रहा है और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारे जो गतिविधि चल रही है वह सिर्फ अवैध नहीं बल्कि प्रकृति पर हमला है। यह उत्खनन पर्यावरणीय संतुलन को नष्ट कर रहा है और आने वाले समय में भयावह परिणाम दे सकता है।
ओवरलोड ट्रकों से सड़कें तबाह, हादसों का खतरा बढ़ा
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही के कारण क्षेत्र की सड़कें चरमरा चुकी हैं, जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और बड़े हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
गांव के लोगों का कहना है कि- बच्चों और बुजुर्गों का निकलना मुश्किल हो गया है, रात में ट्रकों की तेज रफ्तार से गांव दहल उठता है, सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ चुका है, नदी का प्राकृतिक स्वरूप लगातार बिगाड़ा जा रहा है.
ग्रामीणों की चेतावनी साफ है..“अब नहीं रुकेगा संघर्ष, अब निर्णायक लड़ाई होगी, शिकायतें कीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं”
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अवैध उत्खनन की शिकायत वे पहले से प्रशासन को देते रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस स्थिति ने ग्रामीणों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि “क्या प्रशासन की आंखों के सामने यह सब हो रहा है. या फिर रेत माफिया को खुला संरक्षण मिला हुआ है.”
तहसीलदार पर हमले के बाद और भड़का आक्रोश
क्षेत्र में हाल ही में ब्यौहारी में तहसीलदार पर रेत माफिया द्वारा कथित हमला और जान से मारने की धमकी की घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और भी उबाल पर है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब अधिकारी तक सुरक्षित नहीं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या,
इसी नाराजगी ने आंदोलन को और ज्यादा उग्र बना दिया है।
हेमराज यादव का बड़ा बयान
“कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा”
इस पूरे मामले में स्थानीय ग्रामीण एवं यादव महासभा के जिला उपाध्यक्ष हेमराज यादव ने तीखा बयान देते हुए कहा, “महाकाल मिनरल्स द्वारा सीमा के बाहर आकर खुलेआम रेत उत्खनन किया जा रहा है। प्रशासन को इसकी पूरी जानकारी दी गई, लेकिन कार्रवाई न होने से माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। यदि जल्द अवैध उत्खनन बंद नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को और उग्र करेंगे।”
तनावपूर्ण माहौल, प्रशासन से ‘तत्काल कार्रवाई’ की मांग
फिलहाल मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों का धरना जारी है और सभी की मांग एक ही है….
–अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक
-सीमा लांघकर उत्खनन करने वालों पर FIR
-भारी मशीनों की जब्ती
-ओवरलोड ट्रकों पर सख्त कार्रवाई
-पर्यावरण क्षति का मुआवजा और जांच
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा है कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि एक्शन चाहते हैं।
सवाल: ‘महाकाल’ के नाम पर माफिया का तांडव कब तक, शहडोल में रेत माफिया का यह बेलगाम भौकाल अब आम जनता के लिए संकट बन चुका है। प्रशासन कब जागेगा या फिर “महाकाल मिनरल्स” का यह रेत-राज यूं ही चलता रहेगा.
Author: The Mukhbir
Post Views: 239









