
उपमुख्यमंत्री से डाक्टरों के साथ भाजपा नेताओं ने भी की शिकायत
The mukhbir राहुल सिंह राणा शहडोल। जिला चिकित्सालय के आपरेशन शियेटर से अनुभवी नर्सिंग स्टाप हटाये जाने की समस्या को लेकर आपताल के ही चिकित्सक लामबंद हो गये हैं। मामले को लेकर 8 जनवरी को चार चिकित्सकों ने सिविल सर्जन के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज करवाई है। जिसमे नर्सिग उन्होंने उल्लेख किया है कि, अनुभवी स्टाप को हटाये जाने के कारण उन्हे कई प्रकार की समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थति में हटाये गये नर्सिग स्टाप को पुनः पदस्थ किया जाये । उधर विवादित सर्जन डॉ. राजा शीतलानी जिनकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जयसिंहनगर में है उन्हें जिला चिकित्सालय से हटाये जाने की मांग भाजपा नेताओं ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से 9 जनवरी को की है जिस पर उन्होंने शीघ्र कार्यवाई का आश्वासन दिया। कुल मिलाकर विवादित सर्जन का मामला इन दिनों तूल पकड़ता ही जा रहा है।

कलेक्टर को भी सौंपा गया ज्ञापन
जिला अस्पताल शहडोल में ऑपरेशन थियेटर और सर्जिकल वार्ड की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। अस्पताल में कार्यरत सर्जन्स ने अनुभवी स्टॉफ को हटाकर अनुभवहीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस संबंध में सर्जन्स डॉ. अरविन्द अम्बेडकर, डॉ. अपूर्व पाण्डेय, डॉ. व्ही. पी पटेल, डॉ. रेखा कारकुर की ओर से सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को लिखित आपत्ति सौंपते हुए इसे मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ बताया गया है। सर्जन्स का आरोप है कि सीएचसी जयसिंहनगर से संलग्न मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजा सितलानी के इशारे पर ऑपरेशन थियेटर एवं सर्जिकल वार्ड से एक-एक कर अनुभवी स्टॉफ को हटाया जा रहा है और उनकी जगह नए एवं अनुभवहीन स्टॉफ की ड्यूटी लगाई जा रही है।
इस पूरी प्रक्रिया में न तो सर्जिकल विशेषज्ञों से कोई चर्चा की जा रही है और न ही उनका पक्ष सुना जा रहा है। आपत्ति पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ऑपरेशन थियेटर की ड्यूटी सामान्य वार्ड की तरह रोटेशन पर नहीं की जाती, क्योंकि सर्जरी के दौरान अनुभवी असिस्टेंट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। अनुभवहीन स्टॉफ के साथ सर्जरी करना न केवल मुश्किल होता है, बल्कि इससे ऑपरेशन टेबल पर मरीज की जान को सीधा खतरा उत्पन्न हो जाता है। सर्जन्स ने सर्जिकल वार्ड की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई है। बताया गया है कि सर्जिकल वार्ड में पहले से ही ड्रेसर की व्यवस्था नहीं है और यहां ड्रेसिंग का कार्य वार्ड ब्वाय द्वारा किया जाता है। अब अनुभवी वार्ड ब्वायज को हटाकर नए, अनुभवहीन वार्ड ब्वायज की ड्यूटी लगाए जाने से ड्रेसिंग का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसका सीधा नुकसान भर्ती मरीजों को उठाना पड़ रहा है। सर्जन्स का कहना है कि यह स्थिति मरीजों के साथ धोखाधड़ी और घोर नाइंसाफी के समान है तथा इससे अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। उन्होंने मांग की है कि ऑपरेशन थियेटर और सर्जिकल वार्ड की विशेष कार्य-पद्धति को ध्यान में रखते हुए हटाए गए अनुभवी स्टॉफ को तत्काल पुनः उसी विभाग में ड्यूटी पर लगाया जाए। इस मामले की प्रतिलिपि जिला दंडाधिकारी शहडोल को भी भेजी गई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है। अब देखना यह होगा कि जिला अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है, क्योंकि मामला सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है।
Author: The Mukhbir
Post Views: 398









