–कलेक्ट्रेट में कलेक्टर से वार्ता के बाद भी नहीं टूटा सफाई कर्मचारियों का गुस्सा, एरियस भुगतान तक काम बंद आंदोलन जारी…
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल। नगर पालिका सफाई कर्मचारियों का सब्र अब जवाब दे चुका है। वेतन भुगतान में लगातार देरी, वर्षों से लंबित एरियस, पी.एफ. कटौती में अनियमितता, संविदा भर्ती के मुद्दे और आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ हो रहे “अन्याय” के खिलाफ भारतीय सफाई मजदूर संघ (भारतीय मजदूर संघ सम्बद्ध) ने 15 जनवरी 2026 को हड़ताल के दौरान अपना तेवर और तीखा कर दिया। जिला मीडिया प्रभारी उत्तम बिरहा ने बताया कि हड़ताल के बीच शाम करीब 4 बजे जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय शहडोल से सूचना मिलने के बाद कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने भारतीय सफाई मजदूर संघ के प्रतिनिधियों को बुलाकर सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर बारीकी से चर्चा की।
लेकिन इस बैठक के बाद जो सामने आया, वह बेहद स्पष्ट है
“आश्वासन बहुत मिले, अब भुगतान चाहिए!”
और इसी रुख के साथ कर्मचारियों ने ऐलान कर दिया कि एरियस भुगतान की पहली किस्त जारी हुए बिना काम पर वापसी नहीं होगी।
कलेक्टर के सामने रखी गईं गंभीर समस्याएं
वार्ता में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री एवं शहडोल संभाग प्रभारी सदानंद भारती ने कलेक्टर को कर्मचारियों की समस्त मांगों और संकटों से अवगत कराया।
उन्होंने खास तौर पर उठाया
एरियस भुगतान (बकाया वेतन) का बड़ा मुद्दा,
संविदा में 115 रिक्त पदों की जानकारी,
अतिरिक्त कर्मचारियों को आउटसोर्स किए जाने की स्थिति, आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा पदों पर नियुक्त करने की मांग, यह बैठक केवल “औपचारिक” नहीं रही, बल्कि कर्मचारियों ने कलेक्टर के सामने अपनी पीड़ा और हक की लड़ाई एक-एक कर खोलकर रख दी।
प्रतिनिधियों ने खोली नगर पालिका प्रशासन की परतें
बैठक में मौजूद जिले और नगर स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों ने अलग-अलग विभागों की शिकायतें और प्रमाणिक बातें कलेक्टर के सामने रखीं.
APP कटौती का मुद्दा
जिला अध्यक्ष विक्कू लालपुरी ने कर्मचारियों के वेतन में हो रही APP कटौती के विषय में जानकारी दी और इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताया।
10 वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को मिले पी एफ
नरेंद्र बिरहा ने बताया कि कई कर्मचारी 10 वर्षों से लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक पी.एफ. कटौती/जमा को लेकर गंभीर अनियमितता है।
समय पर वेतन भुगतान नहीं
नगर अध्यक्ष वाल्मीकि कुंड ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलना पूरे परिवार को संकट में डाल रहा है। उन्होंने स्पष्ट मांग रखी कि समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।
वाहन चालकों के PF और निरंतर भुगतान में गड़बड़ी
नगर महामंत्री पवन मोगरे ने वाहन चालकों का मुद्दा उठाते हुए बताया कि पी.एफ. काट लिया जाता है. लेकिन PF निरंतरण/जमा सही तरीके से नहीं होता.
एक साथ वेतन भुगतान की मांग
महिला मोर्चा अध्यक्ष मूर्ति चौहटन ने कहा कि कर्मचारियों को एक साथ वेतन भुगतान नहीं होना, सीधे तौर पर कर्मचारियों के साथ भेदभाव है।
उन्होंने आग्रह किया कि समस्त कर्मचारियों का भुगतान एक साथ कराया जाए।
आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा में रखने की मांग
महिला मोर्चा संरक्षक अरुण भारती ने आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में मांग उठाई कि उन्हें संविदा में रखा जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
वाहन चालक प्रतिनिधियों की समस्याएं
संरक्षक पप्पू बर्मन ने वाहन चालकों की विभिन्न समस्याओं को कलेक्टर के सामने रखा।
नल-जल कर्मचारियों की परेशानियां
नल-जल विभाग संरक्षक संदीप गुप्ता ने जल विभाग कर्मचारियों की समस्याओं का विवरण देते हुए उचित निराकरण की मांग की।
कलेक्टर का आश्वासन लेकिन कर्मचारियों का अविश्वास
सभी समस्याएं सुनने के बाद कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि
“समस्त समस्याओं का निराकरण जल्द किया जाएगा।” परंतु कर्मचारियों का अनुभव कुछ और कहता है। प्रतिनिधियों ने दो टूक कहा कि
“आश्वासन हमें पहले भी दिए जाते रहे हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं किया गया।”
अब फैसला आर-पार का: काम बंद आंदोलन रहेगा जारी
बैठक के बाद संभाग, जिला एवं नगर स्तर के कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि “आश्वासन के भरोसे अब कोई आंदोलन नहीं टूटेगा।”…“जब तक एरियस भुगतान की पहली किस्त जारी नहीं होती, काम पर वापसी नहीं होगी।”
सफाई कर्मचारी, वाहन चालक और नल-जल कर्मचारी सभी ने एकजुट होकर काम बंद आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।
शहडोल में अब आंदोलन नहीं…चेतावनी है
यह केवल कर्मचारियों की हड़ताल नहीं, बल्कि नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ सीधी चेतावनी बन चुकी है। कर्मचारी अब स्पष्ट संदेश दे रहे हैं.
“काम चाहिए तो पहले हक दो।”
“भूख मिटाने के लिए वेतन चाहिए, भाषण नहीं।”
“एरियस नहीं तो नगर में सफाई व्यवस्था ठप।”
अब सवाल नगर पालिका प्रशासन से है…
जब कलेक्टर कार्यालय तक कर्मचारियों की शिकायतें पहुंच चुकी हैं… जब हर विभाग की गड़बड़ियां खुलकर सामने आ चुकी हैं…
तो फिर आखिर कर्मचारियों का एरियस भुगतान कब होगा…?
और क्या नगर पालिका प्रशासन इस बार भी सिर्फ “आश्वासन की फाइल” तैयार करेगा।
शहडोल के कर्मचारियों ने साफ कर दिया है.
अब आंदोलन नहीं रुकेगा… जब तक भुगतान नहीं मिलेगा
The mukhbir टीम शहडोल
Author: The Mukhbir
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