
-30 जनवरी से उत्पादन ठप करने की चेतावनी, ढोलू कंस्ट्रक्शन व चेन्नई राधा इंजीनियरिंग में काम कर चुके 20 ड्राइवर व 4 सुपरवाइजर अब सड़क पर,
“तिकड़ी” पर दलाली के आरोप
The mukhbir राहुल सिंह राणा, शहडोल-अमलाई। जिले के अमलाई ओ.सी.एम. खदान क्षेत्र में बड़ा श्रमिक विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय स्तर पर रोजगार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. कि आर.के.टी.सी. कंपनी द्वारा ओसीएम में ओ. बी. उत्खनन का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन स्थानीय तथा पूर्व कर्मचारियों को काम पर वापस नहीं लिया जा रहा, जबकि बाहरी लोगों को “चोरी-छुपे” नौकरी दी जा रही है।

प्रबंधक सहित जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
इस मामले में कोयला मजदूर सभा (H.M.S.) ने एस. ई. सी. एल. महाप्रबंधक सोहागपुर, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, श्रम आयुक्त, धनपुरी थाना प्रभारी को पत्र लिखते हुए एक सप्ताह के भीतर स्थानीय एवं पूर्व कर्मचारियों को रोजगार देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22 के तहत 30 जनवरी 2026 से उत्पादन कार्य बंद कर दिया जाएगा।

बेरोजगारी की मार: 20 ड्राइवर, 4 सुपरवाइजर अब घर बैठे
मुखबिर से प्राप्त जानकारी के अनुसार ढोलू कंस्ट्रक्शन एवं चेन्नई राधा इंजीनियरिंग वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड में काम कर चुके करीब 20 ड्राइवर और 4 सुपरवाइजर अब बेरोजगार हो चुके हैं।
बताया जा रहा है कि वर्षों से खदान/ओसीएम क्षेत्र में काम करने वाले स्थानीय कर्मचारियों को हटाकर बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं में भारी आक्रोश है।
दलाली की तिकड़ी” का नाम उछला, भीतरखाने तय हो रही एंट्री
खबर में सबसे बड़ा सनसनीखेज मोड़ तब आया जब अंदरखाने एक “तिकड़ी” द्वारा भर्ती और प्रवेश व्यवस्था नियंत्रित करने के आरोप लगाए गए। आरोपों के अनुसार श्रीकांत दाहिया पहले ब्लास्टिंग के देखरेख में था, अब कंपनी का P.R.O. (पब्लिक रिलेशन ऑफिसर) बन बैठा है।
मनोज महोबिया टीपर ड्राइवर से सीधे सुपरवाइजर/शिफ्ट इंचार्ज बन गया।
सिद्धार्थ द्विवेदी ढोलू कंपनी में हेल्फर था, अब RKTC का मैनेजमेंट कार्य देख रहा है।
स्थानीयों का आरोप है कि इसी तिकड़ी के जरिए “एंट्री”, “जॉइनिंग” और “शिफ्ट एडजस्टमेंट” का खेल चल रहा है।

200 मैनपावर में लोकल न के बराबर, ऑफिस स्टॉफ में भी केवल यही तीन
बताया गया है कि कंपनी में लगभग 200 लोगों का मैनपावर कार्यरत है (हेल्फर, ड्राइवर, ऑपरेटर, मैकेनिक, सुपरवाइजर) ऑफिस स्टाफ करीब 12 लोग हैंलेकिन हैरानी की बात यह है कि इन तीनों के अलावा स्थानीय कर्मचारी न के बराबर बताए जा रहे हैं।
रात में गुपचुप एंट्री
बाहरी राज्यों के कर्मचारी, पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं. मुखबिर के अनुसार कंपनी द्वारा रात के समय कर्मचारियों को बुलाकर चुपचाप एंट्री कराई जाती है ताकि स्थानीयों को भनक न लगे। और सबसे गंभीर आरोप यह कि झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तरप्रदेश के कर्मचारियों को बिना थाना धनपुरी में पुलिस वेरिफिकेशन के काम पर लगा दिया गया है। यदि यह तथ्य सही है तो यह मामला सिर्फ रोजगार का नहीं बल्कि सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का भी बन जाता है।
तीन शिफ्ट में चल रहा काम, पर स्थानीय लोग बेरोजगार
कंपनी तीन शिफ्ट में काम कर रही है सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 से रात 10 बजे तक, रात 10 से सुबह 6 बजे तक स्थानीय युवाओं का सवाल है कि जब काम 24 घंटे चल रहा है तो स्थानीयों को रोजगार क्यों नहीं.
संघ का अल्टीमेटम: 1 सप्ताह में निर्णय नहीं तो 30 जनवरी से काम बंद, कोयला मजदूर सभा (HMS) ने अपने पत्र में साफ कहा है कि पहले भी 20 दिसम्बर 2025 को पत्र दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब 1 सप्ताह का समय दिया जा रहा है।
नहीं तो 30 जनवरी 2026 से उत्पादन ठप किया जाएगा
इस पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सहायक श्रमायुक्त, थाना प्रभारी धनपुरी सहित अन्य अधिकारियों को भी सौपी गई है। अब सवाल सीधे प्रशासन पर: कौन चला रहा भर्ती का “काला खेल” यह मामला अब सिर्फ मजदूरों का नहीं रह गया, बल्कि स्थानीय रोजगार, बाहरी भर्ती, दलाली, नियमों की अनदेखी और पुलिस सत्यापन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।
ज्ञापन देने के दौरान एच, एम, एस, ठेका मजदूर संघ अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, श्रीकांत द्विवेदी, अनिल रौतेल, तीरथ सिंह, ब्रजमोहन विश्कर्मा, राहुल सिंह, ध्रुव लोनिया, शिव यादव, कैलाश यादव, अजय रघुवंशी, लव कुश कोल, अजय यादव, मो. युसूफ, सुभाष पाल, सुनील वर्मा, रवि विश्कर्मा, मन्ना नायक, सहित कई कर्मचारी मौजूद रहें।
यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो क्षेत्र में बड़ा आंदोलन, गेट जाम, और उत्पादन ठप जैसे हालात बन सकते हैं।
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कंपनी द्वारा कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन वेरिफिकेशन नहीं कराया गया है.
खेम सिंह पेंन्द्रो, थाना प्रभारी धनपुरी
मै आपको कोई जानकारी नहीं दे पाउँगा, बड़े अधिकारी इस मामले को देख रहें है.
विवेक पाठक, प्रोजेक्ट मैनेजर आर.के.टी.सी.
The mukhbir टीम शहडोल
Author: The Mukhbir
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