
जनपद सीईओ व एसडीओ की दबंगई से त्रस्त जनप्रतिनिधि, कमिश्नर-कलेक्टर के दरबार में पहुंचे अध्यक्ष-उपाध्यक्ष व सदस्य, सौंपा गंभीर ज्ञापन
The mukhbir राहुल सिंह राणा शहडोल/ब्यौहारी। जनपद पंचायत ब्यौहारी में इन दिनों जनप्रतिनिधियों के सम्मान और अधिकारों पर खुला हमला होते देखा जा रहा है। आरोप है कि जनपद पंचायत में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती कल्पना यादव द्वारा जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं जनपद सदस्यों के साथ लगातार दुर्व्यवहार, अपमान और धमकी दी जा रही है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि जनप्रतिनिधि सी.ई.ओ. और एस.डी.ओ. स्तर की प्रताड़ना से तंग आकर सीधे कमिश्नर शहडोल एवं कलेक्टर शहडोल के पास पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत/ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है।
“मुख्यमंत्री जी कि हूँ रिश्तेदार…” धमकी देकर दबाने का आरोप
ज्ञापन में बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सीईओ द्वारा खुलेआम कहा जाता है कि “मैं मुख्यमंत्री जी कि हूँ रिश्तेदार… तुम लोगों का कोई अधिकार नहीं है…” इतना ही नहीं, जनपद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष व सदस्यों को यह कहकर धमकाया जाता है कि
“जनपद में जो चाहूँगी वही होगा… तुम लोग जनपद क्यों आते हो” यह बयान जनप्रतिनिधियों के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए चेतावनी माने जा रहे हैं।
बाहरी लोगों से कराया जा रहा काम
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि जनपद पंचायत का कामकाज मनमानी तरीके से बाहरी लोगों से कराया जा रहा है, जबकि जनप्रतिनिधियों को पूर्णतः नजरअंदाज किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पंचायत में बैठकों का आयोजन ठीक से नहीं हो रहा अध्यक्ष/उपाध्यक्ष द्वारा बुलाने पर सीईओ बैठक में नहीं आती अधिकारियों-कर्मचारियों को भी जनप्रतिनिधियों का काम न करने का निर्देश दिए जाने का आरोप, शिकायत करने पर ‘षड्यंत्र’ रचने का आरोप सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि यदि कोई जनप्रतिनिधि पंचायत से जुड़ी किसी अनियमितता की शिकायत करता है तो जांच नहीं कराई जाती. उल्टा शिकायतकर्ता जनप्रतिनिधि के खिलाफ ही षड्यंत्र रचा जाता सचिवों/कर्मचारियों से मिलकर विरोधियों को दबाने की रणनीति बनाई जाती है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस प्रकार की प्रशासनिक कार्यशैली ने जनपद पंचायत ब्यौहारी को नियम-कानून से ऊपर चलने वाली “एकतरफा सत्ता” में बदल दिया है।
“तुम्हारे चेंबर में नहीं आऊंगी…” जनपद अध्यक्ष को अपमानित करने का आरोप
ज्ञापन में लिखा गया है कि जनपद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के द्वारा यदि सीईओ को किसी बैठक/चर्चा हेतु बुलाया जाता है तो वे कहती हैं.
“तुमको बात करनी है तो मेरे चेंबर में आकर बात करो… मैं तुम्हारे चेंबर में नहीं आऊंगी…”
जनप्रतिनिधियों के अनुसार यह व्यवहार संवैधानिक पदों का अपमान है, जो पंचायत राज व्यवस्था की आत्मा पर चोट है।
जनप्रतिनिधियों का सवाल “अगर पंचायत में हमारी बात नहीं सुनी जाएगी, तो लोकतंत्र किस काम का”
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जनपद पंचायत ब्यौहारी में तनावपूर्ण माहौल है। जनप्रतिनिधियों ने साफ तौर पर कहा कि यदि समय रहते प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया तो पंचायत व्यवस्था प्रभावित होगी, विकास कार्य बाधित होंगे, जनप्रतिनिधि आंदोलन/धरना/आमसभा जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे, कमिश्नर-कलेक्टर से मांग: तत्काल जांच और कड़ी कार्यवाही, ज्ञापन सौंपते हुए जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि सीईओ द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार एवं धमकियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए पंचायत कार्यों में बाहरी हस्तक्षेप व मनमानी की जांच हो। जनप्रतिनिधियों के सम्मान की रक्षा हेतु दोषियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही हो पंचायत व्यवस्था में संवैधानिक मर्यादा सुनिश्चित की जाए।
अब सवाल बड़ा है. जनपद पंचायत में ‘जनप्रतिनिधि’ असहाय क्यों…
जनपद पंचायत लोकतंत्र की जड़ है, जहां जनता अपने प्रतिनिधि चुनकर भेजती है। लेकिन यदि वही प्रतिनिधि पंचायत में अपमानित होंगे, धमकाए जाएंगे और अधिकारों से वंचित रहेंगे, तो यह न केवल जनप्रतिनिधियों का बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता का अपमान है।
अब निगाहें प्रशासन पर हैं…क्या कमिश्नर और कलेक्टर इस मामले में सख्त कदम उठाएंगे या ब्यौहारी जनपद पंचायत में अफसरशाही का यह तांडव यूं ही जारी रहेगा…?
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जनपद पंचायत सीईओ एवं एसडीओ से प्रताड़ित होकर आज हम संयुक्त रूप से कमिश्नर एवं कलेक्टर शहडोल को ज्ञापन सौंप कर इन्हें तत्काल हटाए जाने की मांग करें है.
श्रीमती आकांक्षी सिंह, जनपद अध्यक्ष ब्यौहारी
Author: The Mukhbir
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