गीता पाठ से गुंजायमान हुआ विद्यालय परिसर, विद्वानों ने दिए जीवन मूल्यों पर सारगर्भित संदेश
The mukhbir शहडोल। अंतर्राष्ट्रीय गीता दिवस के अवसर पर सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल में धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण के बीच संभाग स्तरीय भव्य कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृत महाविद्यालय के सेवा निवृत्त प्राचार्य डॉ. रामकिशोर द्विवेदी, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति, संयुक्त आयुक्त विकास मगन सिंह कनेश, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर श्रीमती हीरावती कोल, उपाध्यक्ष शक्ति सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
सस्वर गीता पाठ से नव-ऊर्जा की अनुभूति
कार्यक्रम के दौरान रामावतार साहू ने “मर्यादा है, इस देश की पहचान है गीता…” जैसी प्रेरणादायक पंक्तियों के साथ श्रीगीता महिमा का सस्वर वाचन किया। इसके बाद सरस्वती स्कूल और महर्षि विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने श्रीमद्भगवत गीता के विभिन्न अध्यायों का सामूहिक सस्वर पाठ कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के सेवा निवृत्त प्राचार्य आर.एस. गौतम के मार्गदर्शन में श्रीमद्भगवत गीता के 15वें अध्याय (पुरुषोत्तम योग) का सामूहिक पाठ भी संपन्न कराया गया।
विद्वानों ने समझाए गीता के जीवनोपयोगी संदेश
मुख्य अतिथि डॉ. रामकिशोर द्विवेदी ने श्रीगीता के कर्मयोग सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि— “गीता केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी है। इसका अध्ययन मनुष्य को गलत कर्मों से दूर कर आत्मशुद्धि की ओर ले जाता है।”
गीता अनुरागी श्रीकांत शर्मा ने कार्यक्रम को “विरासत भी विकास भी” की संकल्पना से जोड़ते हुए कहा कि सनातन परंपराओं के परिचय के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा—
“जहां श्रीकृष्ण हैं, वहां समृद्धि और विजय दोनों हैं। उनके उपदेश जीवन को दिशा देते हैं।”
बाल आनंद: 6 वर्षीय देवेश ने किया गीता पाठ
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब 6 वर्षीय देवेश सिंह ने गीता पाठ प्रस्तुत किया। इसके अलावा महर्षि विद्या मंदिर और सरस्वती स्कूल के विद्यार्थियों ने सप्तम अध्याय सहित कई अध्यायों का अत्यंत मनोहर सस्वर पाठ किया।
मुख्यमंत्री का लाइव उद्बोधन सुना
विद्यालय में उज्जैन के दशहरा मैदान से आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि
“गीता भारतीय संस्कृति का अमूल्य ज्ञानकोष है, जिसे युवाओं को जीवन में अपनाना चाहिए।”
विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम में गीता पाठ प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा शाल एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित रहें. इस अवसर पर श्रीमती भारती गुप्ता, विष्णु मिश्रा, व्यापारी संघ अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता, रामावतार साहू, रमाकांत मिश्रा, रामनाथ द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में गीता अनुरागी, शिक्षक, विद्यार्थी, पत्रकार और नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक विवेक पाण्डेय ने किया एवं आभार डीपीसी अमरनाथ सिंह द्वारा व्यक्त किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय गीता दिवस का यह आयोजन न केवल आध्यात्मिकता का संगम बना, बल्कि नई पीढ़ी को श्रीकृष्ण के उपदेशों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का एक प्रभावशाली माध्यम भी सिद्ध हुआ।
The mukhbir टीम शहडोल









